कन्हैया लाल माणिकलाल मुंशी गुजराती भाषी थे, उन्होंने मुंबई में भारतीय विद्या भवन की स्थापना की थी। माणिकलाल मुंशी ने श्रीकृष्ण, कुंती, युधिष्ठिर, पितामह भीष्म, द्रौपदी के जीवन चरित्र को हिंदी में लिखा। वह बाल्मीकि रामायण का भी हिंदी में अनुवाद करना चाहते थे। वे हिंदी को राष्ट्रभाषा दिलाए जाने के पक्षधर थे।(सोर्स- सोशल मीडिया)