ट्रंप का 5000 डॉलर योजना फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
नवभारत विशेष

नवभारत संपादकीय: हर अमेरिकी को 5,000 डॉलर देने का वादा, ट्रंप के ऐलान पर मचा सियासी घमासान

Trump 5000 Dollar: ट्रंप ने मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन बहुमत मिलने पर हर अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर देने का प्रस्ताव रखा है। डेमोक्रेट्स ने इसे वोट खरीदने की कोशिश और भ्रष्टाचार बताया है।

अंकिता पटेल

Trump Dividend Midterm Election: अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति ने ऐसा कुछ नहीं किया, जो इस समय ट्रंप करने जा रहे हैं। उन्होंने घोषणा की है कि 3 नवंबर को होने वाले प्रतिनिधि सदन की 435 और सीनेट की 35 सीटों के चुनाव में यदि उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बहुमत मिला, तो प्रत्येक अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर देंगे।

यह रकम सरकारी खजाने से बांटी जाएगी, जिसे ट्रंप डिविडेंड का नाम दिया जाएगा। इस खैराती योजना के बल पर ट्रंप मध्यावधि चुनाव जीतकर अमेरिका की सत्ता पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत बनाना चाहते हैं। इस मुद्दे को लेकर आलोचना भी शुरू हो गई। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसे वोट खरीदने की घृणित चाल और भ्रष्टाचार बताया। उपराष्ट्रपति जेडी वैन्स ने स्पष्ट किया कि यह रकम अमीरों को नहीं दी जाएगी।

ट्रंप का $5,000 डिविडेंड, वोट खरीदने का आरोप

अमीरों को नहीं दी जाएगी। टैरिफ लगाने से अमेरिका की जो आय बढ़ी, उसमें से जनता को यह लाभांश दिया जाएगा। अभी अमेरिका पर 40 लाख करोड़ डॉलर का राष्ट्रीय कर्ज है, जिसका ब्याज अदा करने के लिए 1.25 लाख करोड़ डॉलर खर्च करने पड़ते हैं। इस 5,000 डॉलर प्रति नागरिक बांटने की योजना से बजट घाटा और बढ़ जाएगा। इस रकम को देने से बाजार में मुद्रास्फीति बढ़ेगी। विपक्ष ने सरकारी पैसों से वोट खरीदने की निंदा की है।

भारत में पार्टियां चुनाव जीतने के लिए लुभावनी योजनाओं की घोषणा करती हैं। अब यही तरीका ट्रंप ने भी अपनाया है। स्वास्थ्य, शिक्षा या रोजगार निर्माण पर धन खर्च करने की बजाय उसे इस तरह लुटाया जाएगा। ट्रंप को ऐसी लुटाया जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ऐसी घोषणा करने की आवश्यकता इसलिए पड़ गई, क्योंकि राष्ट्रपति के रूप में उनकी लोकप्रियता की रेटिंग 30 प्रतिशत से भी ज्यादा नीचे गिर गई है।

ट्रंप ने चुनाव जीतने के लिए अपनाया 'रेवड़ी मॉडल'

निरंतर बढ़ती जा रही महंगाई और मंदी से भी लोगों में असंतोष है। ईरान से युध्द की वजह से ईंधन महंगा हो गया है। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के अनेक उम्मीदवार अपना प्रचार टाल रहे हैं, क्योंकि दौरा करना और रैली आयोजित करना महंगा पड़ेगा। इसलिए चुनाव में पार्टी का बहुमत जुटाने के लिए ट्रंप ने यह तरीका अपनाया है।

भारत में तमिलनाडु सहित दक्षिणी राज्यों में चुनाव जीतने के लिए मुफ्त उपहार योजनाओं की शुरुआत हुई। फिर अन्य राज्यों में भी ऐसा होने लगा। मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान ने लाडली लक्ष्मी योजना शुरू की थी, तो महाराष्ट्र में लाडकी बहीण योजना शुरू की गई। बिहार में नीतीशकुमार ने हर महिला के खाते में एकमुश्त 10,000 रुपये जमा करवाए। दक्षिण में रेवंत रेड्डी और विजय ने भी खैराती घोषणा से चुनाव जीता। अब ट्रंप भी यही फार्मूला अपना रहे हैं।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा

सर्जिकल स्ट्राइक से ऑपरेशन सिंदूर तक, पीएम मोदी की नीति की गृह मंत्री अमित शाह ने तारीफ की

India-Bangladesh: शेख हसीना के दौर को बताया अनकंफर्टेबल, अब भारत से रिश्ते रीसेट करना चाहता है बांग्लादेश

दिल्ली विधानसभा पीएसी का 'शीश महल' का दौरा, केजरीवाल आवास पर हुए खर्च की होगी जांच; कैमरों के साथ पहुंचेगी टीम

Hindi Diwas 2026: जब सबसे ज्यादा लोग बोलते हैं हिंदी, तो क्यों नहीं मिला राष्ट्रभाषा का दर्जा? पढें पूरी खबर

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, चार लोगों की मौत, छह साल के बच्चे को भी लगी गोली