Rahul Gandhi Raga Satire: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम अंग्रेजी अखबार अपने शीर्षक में संक्षिप्त कर 'रागा' (आरएजीए) लिखते हैं। राहुल उस व्यवस्था से नाराज हैं जिसमें चुनाव आयोग को बहुत बलवान और देश के मतदाता को शक्तिहीन सीकिया पहलवान बना दिया गया है। राहुल के गुस्से को देखकर मराठी अखबार शीर्षक दे सकते हैं- रागाला राग आला!'
हमने कहा, 'आप जानते हैं कि शास्त्रीय संगीत में अनेक प्रकार के राग होते हैं जिनमें से कुछ के नाम हैं- भूपाली, भैरवी, अहीरभैरव, आसावरी, कैफी, कल्याण, बिलावल, खमाज, मेघमल्हार आदि। अंग्रेजी स्पेलिंग में राग को रागा लिखा जाता है।'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, इस समय राहुल गांधी उर्फ 'रागा' के नेतृत्व में विपक्ष सरकार के खिलाफ ऊंचे सुर में राग भीमपलासी गा रहा है। वोट चोरी के राग में लंबा आलाप खींचा जा रहा है। यह संगीत समारोह या कॉन्सर्ट की स्वर लहरी या तान हाई डेसीबल के साथ सीईसी ज्ञानेश कुमार से लेकर मोदी, शाह और भागवत तक के कानों में गूंजने लगी है। विपक्ष गोलबंद होकर इस संगीत की बेमिसाल बंदिश पेश कर रहा है।'
हमने कहा, 'इससे क्या होगा? सत्ता के बहरे कान विपक्ष की आवाज नहीं सुना करते। वह राग यमन गाएगा तो उसका दमन कर दिया जाएगा। सरकार इतनी नाजुक नहीं है कि शिकायत करे 'फुलगेंदवा ना मारो, लगत करेजवा में चोट!' सत्ता के सामने सयानापन नहीं चलता। जब जनता जनार्दन का प्रेशर बढ़ेगा तो सरकार ज्ञानेश कुमार को वैसे ही हटा देगी जैसे धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री पद से हटाया था। किसी को बलि का बकरा बनाने में आखिर कौन-सी देर लगती है! खुद को बचाओ, दूसरे को हटाओ !'
पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, चोरी को लेकर यूपी में कहावत है- ऊंट की चोरी, निहुरे-निहुरे अर्थात ऊंट जैसे बड़े जानवर को चोर नीचे झुककर चुरा रहा है और सोच रहा है कि उसे कोई देख नहीं रहा है। ऐसा चोर रंगेहाथ पकड़ा जाता है। वोटों की चोरी का संगीन मामला भी उजागर हो रहा है।'
हमने कहा, 'बच्चे भी यह तुकबंदी सुनाते हैं- सुई में लगा धागा, चोर निकलकर भागा !'
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा