एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रदर्शन फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
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नवभारत संपादकीय: एशियन गेम्स में भारत चौथे स्थान पर, अब 2028 ओलंपिक के लिए कितनी तैयारी?

Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 में भारत ने 85 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक से पहले उपलब्धियों और कमजोरियों से सबक लेकर तैयारी मजबूत करने की जरूरत है।

अंकिता पटेल

India Asian Games Performance: पान के नागोया में हुए एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने गौरवपूर्ण प्रदर्शन किया और प्रतिस्पर्धा में देश को चौथे स्थान पर पहुंचाया। इसमें भारतीय प्रतिभाओं की परख हुई लेकिन इसके बाद 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाला ओलंपिक विश्वस्तरीय होगा जिसमें अमेरिका, चीन, जापान आस्ट्रेलिया से बेहद कड़ा मुकाबला होगा। इसके लिए अभी से कड़ी तैयारी करनी होगी।

एशियाई गेम्स में भारत ने 22 स्वर्ण पदक जीते। उसके 27 रजत पदकों में से 19 वैयक्तिक इवेंट में हासिल हुए। इसके अलावा 37 कांस्य पदक मिले। एशियाई खेलों में हमारी उपलब्धियों के साथ कमजोरियां भी सामने आई। बैडमिंटन में भारत 12 वर्षों में पहली बार कोई व्यक्तिगत पदक जीतने से वंचित रहा। भारोत्तोलन में मीराबाई चानू ने पहला रजत पदक 1998 में जीता था।

नागोया एशियाई खेलों में भारत का शानदार प्रदर्शन

इस समय 32 वर्ष की आयु में भी वह इस क्षेत्र में जाना-माना नाम हैं लेकिन उनका कोई उत्तराधिकारी तैयार नहीं हुआ है। भारत ने हांगझाऊ (चीन) में हुए एशियाई खेलों में एथलेटिक्स और शूटिंग में 51 पदक जीते थे लेकिन इस बार नागोया में सिर्फ 39 पदक जीते। इनमें से 24 एथलेटिक्स में और 15 शूटिंग में जीते। तीरंदाजी में भारत ने कमाल कर दिया। अमरावती की कुमकुम मोहोड ने दक्षिण कोरिया की प्रतिद्वंद्वी को हरा कर गोल्ड मेडल जीता।

उसने 3 पदक जीते। महिला हॉकी और पुरुष हॉकी में भारत चैंपियन रहा। पेरिस ओलंपिक में विफलता के बाद महिला हाकी टीम को बिदेशी विशेषज्ञ कोच से पेनाल्टी कार्नर और गोलकीपिंग की विशेष ट्रेनिंग कराई गई जिसका अनुकूल नतीजा इस समय दिखाई दिया। भारतीय महिला हाकी टीम ने 44 वर्ष बाद स्वर्ण पदक जीता। भारतीय कुश्ती खिलाड़ियों अमन सेहरावत और सुजीत कलकल ने स्वर्ण पदक जीता।

खेलो इंडिया से मजबूत करनी होगी तैयारी

मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल, लवलीना बोरगोहन और प्रवीण हुड्डा ने देश का नाम रोशन किया। इस तथ्य को स्वीकार करना होगा कि अन्य खेलों मे अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कम नजर आई। टेनिस, शूटिंग (पिस्तौल और राइफल), तलवारबाजी, स्क्वाश, रोइंग जैसे खेलों में उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।

एथलेटिक्स में हमारे खिलाड़ी स्पर्धा से पीछे हट गए। यदि वह फिट नहीं थे तो जापान क्यों ले जाए गए? भारत ने 43 महिला व 34 पुरुष, इस तरह 77 खिलाड़ियों को भेजा था। जिनमें महिला खिलाड़ियों ने अधिक कौशल दिखाया।

महिलाओं ने व्यक्तिगत व टीम इवेंट मिलाकर 11 गोल्ड हासिल किए। हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी, 4 बाय 4 रिले दौड़ मुक्केबाजी, तीरंदाजी में उन्होंने सफलता हासिल की। मार्शलआर्ट में सुचिका तरियाल और सॉफ्ट टेनिस में जय मीना ने पहला पदक दिलाया।

आगे के लिए 'खेलो इंडिया' के तहत पक्की तैयारी करनी होगी। जिला स्थानों पर उचित प्रशिक्षण, उपकरणों की उपलब्धता, परिपूर्ण आहार, फिजियो की मदद, स्कॉलरशिप आदि से नए खिलाड़ी तैयार होंगे। भारत ने 2038 के एशियाई खेल के आयोजन की दावेदारी की है।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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