Somwar Vrat Toot Jaye To Kya Kare: हिन्दू धर्म में सावन का महीना बहुत ज्यादा फलदायी होता है। यह भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान रखे जाने वाले सावन सोमवार व्रत का विशेष महत्व है, जिसे शिव भक्त पूरी भक्ति के साथ रखते हैं, ताकि उन्हें भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद मिल सके, लेकिन कई बार अनजाने में या फिर किसी परिस्थिति के चलते व्रत टूट जाता है। ऐसी स्थिति में परेशान होने के बजाय श्रद्धा के साथ आप कुछ धार्मिक उपाय कर सकते हैं। आइए इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
शिव पुराण के अनुसार, सावन सोमवार व्रत करने से मन पवित्र होता है। अविवाहित लोगों को सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। शादीशुदा जातकों का रिश्ता मजबूत होता है और दीर्घायु प्राप्त होती है।
करियर में तरक्की मिलती है और मनचाही उन्नति प्राप्त होती है। कार्यों की बाधाएं समाप्त होती हैं और धन संबंधी परेशानियां दूर हो जाती हैं। व्रत करने से व्यक्ति में आत्म संयम, धैर्य शक्ति और आधात्मिक शक्ति का संचार होता है।
शिव पुराण के अनुसार, अगर व्यक्ति वर्ष भर के सोमवार व्रत करने में समर्थ नहीं है, तो वह सावन के चार या पांच सोमवार व्रत का संकल्प ले सकता है। सावन माह के सोमवार व्रत करने वर्ष के सभी सोमवार व्रत का फल प्राप्त होता है।
ज्योतिषयों के अनुसार, अगर भूलवश सावन सोमवार का व्रत टूट गया है, तो सबसे पहले मन में किसी तरह का भय न रखें। शिवलिंग के सामने जाकर अपनी भूल के लिए भगवान शिव से क्षमा प्रार्थना करें। साथ ही दोबारा ऐसी गलती न करने का संकल्प लें। श्रद्धा हो तो उसी दिन या अगले सावन सोमवार को व्रत रखा जा सकता है।
धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है। व्रत भंग होने पर शिवजी से क्षमा मांगते हुए श्रद्धापूर्वक महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते है। इससे मन को शांति और सकारात्मकता का अनुभव होने की मान्यता है।
अगर भूलवश सावन सोमवार का व्रत टूट गया है, तो व्रत टूटने की स्थिति में जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना, अन्न का दान करना या अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद की सहायता करना भी शुभ माना जाता है।
इससे सेवा और प्रायश्चित की भावना मजबूत होती है। धार्मिक दृष्टि से दान-पुण्य को भगवान शिव की भक्ति से जोड़कर भी देखा जाता है।
यदि किसी परिस्थिति के कारण व्रत के नियम पूरे नहीं हो पाए हैं, तो अगले सोमवार को प्रायश्चित भाव से व्रत रखना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। कुछ परंपराओं में इस अवसर पर घर में छोटा हवन करने की भी मान्यता है।