Lakshman at Ram's coronation (Source. Pinterest) 
धर्म

राम के राज्याभिषेक में क्यों नहीं दिखे लक्ष्मण? वजह जानकर भावुक हो जाएंगे आप

Ramayana की कथा से लगभग हर भारतीय परिचित है। किसी ने इसे पढ़ा है, तो किसी ने बचपन से इसे सुनते हुए बड़ा होना सीखा है। रामायण का हर पात्र अपने आप में अनोखा और प्रेरणादायक है।

सिमरन सिंह

Lakshman at Ram's Coronation: रामायण की कथा से लगभग हर भारतीय परिचित है। किसी ने इसे पढ़ा है, तो किसी ने बचपन से इसे सुनते हुए बड़ा होना सीखा है। रामायण का हर पात्र अपने आप में अनोखा और प्रेरणादायक है, लेकिन जब भी भगवान श्रीराम का जिक्र होता है, उनके प्रिय भाई लक्ष्मण का नाम अपने आप जुड़ जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार भगवान श्रीराम अपने सभी भाइयों में लक्ष्मण से विशेष प्रेम करते थे और लक्ष्मण ने भी हर सुख-दुख में श्रीराम का साथ निभाया।

14 वर्षों का वनवास और अटूट भाईचारा

जब भगवान श्रीराम को 14 वर्षों का वनवास मिला, तब देवी सीता और लक्ष्मण दोनों उनके साथ वन चले गए। इन 14 वर्षों में तीनों ने वनों में रहते हुए अनेक कष्ट झेले, कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन कभी भी अपने कर्तव्य और मर्यादा से विचलित नहीं हुए। लक्ष्मण हर पल अपने भाई और भाभी की रक्षा में तत्पर रहे।

अयोध्या वापसी और भव्य स्वागत

वनवास पूर्ण होने के बाद जब श्रीराम अयोध्या लौटे, तो पूरी नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया। हर ओर उत्सव का माहौल था। देवी-देवताओं से लेकर दूर-दूर के राजा-महाराजा तक इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने पहुंचे। भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक पूरे वैदिक विधि-विधान से किया गया।

राम के राज्याभिषेक में लक्ष्मण क्यों नहीं थे?

इतने बड़े और शुभ अवसर पर एक बात सभी को चौंकाती है भगवान राम के प्रिय भाई लक्ष्मण इस राज्याभिषेक में शामिल नहीं थे। सवाल उठता है कि जो भाई हर कदम पर श्रीराम के साथ रहा, वह इस महत्वपूर्ण क्षण में अनुपस्थित क्यों था?

वचन से बंधे थे लक्ष्मण

पौराणिक कथाओं के अनुसार, वनवास के दौरान लक्ष्मण ने निद्रा देवी से एक विशेष वरदान मांगा था। उन्होंने प्रार्थना की कि उन्हें 14 वर्षों तक नींद न आए, ताकि वे हर समय अपने भाई श्रीराम और भाभी सीता की सेवा और रक्षा कर सकें। लक्ष्मण के त्याग और समर्पण से प्रसन्न होकर निद्रा देवी ने उन्हें यह वरदान दिया। हालांकि, इस वरदान के साथ एक शर्त भी थी। शर्त यह थी कि लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला को इन 14 वर्षों तक निद्रा में रहना होगा और जैसे ही वनवास समाप्त होगा, लक्ष्मण को अपनी नींद पूरी करनी होगी।

राज्याभिषेक के समय क्यों सो गए लक्ष्मण?

वनवास समाप्त होते ही निद्रा देवी का वचन पूरा हुआ। इसी कारण भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के समय लक्ष्मण निद्रा में लीन हो गए। वचन निभाने के लिए उन्होंने उस ऐतिहासिक पल को स्वयं से दूर रखा और इसलिए वे चाहकर भी अपने प्रिय भाई का राज्याभिषेक नहीं देख सके।

त्याग और कर्तव्य की मिसाल

लक्ष्मण का यह त्याग आज भी हमें सिखाता है कि वचन और कर्तव्य जीवन में सबसे ऊपर होते हैं, चाहे उसके लिए कितनी ही बड़ी व्यक्तिगत इच्छा क्यों न छोड़नी पड़े।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारियां सामाजिक और धार्मिक आस्थाओं पर आधारित हैं।

Cyclone Murasu पड़ा कमजोर, आंध्र-तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में छाएगी धुंध

करोड़ों की संपत्ति छोड़ देशसेवा में लगाया जीवन, जानिए महात्मा गांधी के 5वें पुत्र जमनालाल बजाज की कहानी

गुवाहाटी फायरिंग मामले में एनकाउंटर के बाद आरोपी ढेर! सब-इंस्पेक्टर की सर्विस पिस्तौल छीनने की हुई थी कोशिश

Shakuntala Devi: बिना कैलकुलेटर पलक झपकते करती थीं बड़ी गणनाएं, जानिए कैसे बनीं मानव कंप्यूटर

भारत-पाक सीमा के पास बड़ी साजिश नाकाम, श्रीगंगानगर में ट्रेन को उड़ाने की थी कोशिश, जांच में जुटी पुलिस