दिवाली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है।
मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए घर की साफ-सफाई करें।
पूजा में फूल, फल, मिठाई और खील-बताशे चढ़ाएं।
मां लक्ष्मी के सामने दीपक जलाकर आरती करें।
दिवाली पर जरूरतमंदों को दान देना शुभ माना जाता है।
Diwali Puja At Home: दिवाली का त्योहार मां लक्ष्मी के स्वागत और सुख-समृद्धि की कामना का विशेष अवसर माना जाता है। इस दिन घरों में साफ-सफाई, दीप सजावट और लक्ष्मी-गणेश पूजन की तैयारियां की जाती हैं।
धार्मिक मान्यता है कि दिवाली की अमावस्या की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और स्वच्छ, सुंदर तथा प्रकाश से सजे घरों में उनका स्वागत किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं दिवाली पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए क्या करना चाहिए और पूजा की सही विधि क्या है?
दिवाली से पहले घर की अच्छी तरह सफाई करना एक पुरानी परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्वच्छता और सुंदरता मां लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक है। इसलिए घर के मंदिर, मुख्य द्वार और पूजा स्थल को साफ रखें। मुख्य द्वार पर रंगोली बनाएं और दीपक सजाकर घर को रोशन करें।
दिवाली की शाम शुभ मुहूर्त में पूजा स्थल पर चौकी बिछाकर लाल या पीला कपड़ा रखें। उस पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। इसके बाद दीपक जलाएं और भगवान को फूल, अक्षत, रोली, चंदन तथा फल अर्पित करें। गंगाजल छिड़ककर पूजा का संकल्प लें और श्रद्धापूर्वक मंत्रों का जाप करें।
लक्ष्मी पूजन में मां को मिठाई, खील-बताशे, मखाने, फल और नारियल का भोग लगाने की परंपरा है। कई स्थानों पर कमल का फूल भी अर्पित किया जाता है। धार्मिक मान्यता में कमल को मां लक्ष्मी का प्रिय पुष्प माना गया है। आप अपनी श्रद्धा और उपलब्धता के अनुसार सात्विक भोग तैयार कर सकते हैं।
दिवाली पर दीपक जलाना अंधकार पर प्रकाश की विजय और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। पूजा के दौरान घी या तेल का दीपक जलाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की आरती करें। इसके बाद परिवार के सभी सदस्य मिलकर पूजा में शामिल हों और सुख-शांति की प्रार्थना करें।
धार्मिक परंपराओं में स्वच्छता, श्रद्धा, दान और दूसरों के प्रति अच्छे व्यवहार को विशेष महत्व दिया गया है। इसलिए दिवाली पर जरूरतमंद लोगों की सहायता करें, घर में प्रेमपूर्ण वातावरण बनाए रखें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार पूजा करें। मां लक्ष्मी की आराधना का भाव केवल धन प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवन में सुख, संतोष और समृद्धि की कामना करना भी है।