Rajasthan Gold Pot Discovery: टोंक जिले के निवाई ब्लॉक में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक सुनसान चरागाह से रहस्यमयी परिस्थितियों में एक प्राचीन घड़ा बरामद हुआ। तंत्र-मंत्र की आशंका और गड़े हुए खजाने की अफवाहों के बीच पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। अब सबकी निगाहें पुरातत्व विभाग पर हैं।
राजस्थान के टोंक जिले के निवाई ब्लॉक स्थित देवरी और सीदड़ा गांव की सीमा पर स्थित एक चरागाह भूमि पिछले 48 घंटों से चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब स्थानीय चरवाहों ने शनिवार शाम को जमीन पर ताजी गुलाब की पंखुड़ियां बिखरी हुई देखीं। वहां धूप-बत्ती जल रही थी और चप्पलों की एक जोड़ी के साथ बड़ी गाड़ी के टायरों के निशान भी मौजूद थे। ग्रामीणों को किसी अनहोनी या जमीन में लाश दबे होने की आशंका हुई, जिसके बाद तुरंत सरपंच रामसहाय मीणा और पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही निवाई तहसीलदार नरेश गुर्जर और थानाधिकारी घासीराम जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे। किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए जेसीबी मशीन बुलाकर खुदाई शुरू की गई। लगभग 20 फीट की गहराई पर मिट्टी हटाते ही एक बड़ा सिल्वरनुमा बर्तन (देग या चरा) दिखाई दिया। जैसे ही घड़ा नजर आया, वहां मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ 'धन है, धन है' चिल्लाते हुए उस पर टूट पड़ी। लोगों के बीच उस सामान को लूटने की होड़ मच गई, जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे सभी शामिल थे।
भीड़ इतनी बेकाबू हो गई थी कि पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। चश्मदीद ग्रामीणों, जैसे 60 वर्षीय भंवर पाल और भूरी देवी ने बताया कि पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए घड़े को घेरे में ले लिया। स्थिति ऐसी थी कि एक पुलिसकर्मी को घड़े के ऊपर अपना पैर रखना पड़ा ताकि कोई उसमें से सामान न निकाल सके। ग्रामीणों का दावा है कि घड़े के अंदर साबुन की टिकिया या बिस्किट के आकार की सुनहरी ईंटें भरी हुई थीं और उस पर फूल बिखरे थे।
इस घटना में एक और रहस्यमयी मोड़ तब आया जब ग्रामीणों ने दावा किया कि खुदाई के दौरान एक पत्थर भी निकला था जिस पर कुछ अजीब लकीरें या लिपि अंकित थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस पत्थर पर क्या लिखा था यह कोई पढ़ नहीं पाया, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर कुछ युवक उस पत्थर को उठाकर भाग गए। ग्रामीणों का मानना है कि वह पत्थर इस खजाने या जगह के इतिहास से जुड़ा कोई बड़ा संकेत हो सकता था। फिलहाल, पुलिस उन युवकों और पत्थर की तलाश करने का प्रयास कर रही है।
टोंक प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद उस रहस्यमयी घड़े को अपने कब्जे में लिया और निवाई स्थित पुरानी तहसील के उपकोषाधिकारी कार्यालय (ट्रेजरी) में कड़ी सुरक्षा के बीच सील कर रखवा दिया है। निवाई एसडीएम प्रीति मीणा ने इस संबंध में पुरातत्व विभाग, अजमेर को पत्र लिखकर आधिकारिक जांच की मांग की है। पुरातत्व विभाग के अधीक्षक नीरज त्रिपाठी के अनुसार, विभाग की टीम जल्द ही मौके का मुआयना करेगी और घड़े की धातु व उसमें रखी सामग्री का वैज्ञानिक परीक्षण करेगी।
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फिलहाल, पूरे इलाके में खुदाई वाली जगह पर रविवार को भी लोगों का जमावड़ा लगा रहा और ग्रामीणों ने मुख्य स्थान से 50 फीट दूर एक और गड्ढा खोद दिया है। यह खोज किसी प्राचीन सभ्यता का हिस्सा है या किसी और रहस्य का, इसका खुलासा पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा।