ईडी ऑफिस, चंडीगढ़ सोर्स- सोशल मीडिया
पंजाब

पंजाब में पूर्व कैबिनेट मंत्री के घर ED की छापेमारी! CRPF की टीम के साथ पहुंची जांच एजेंसी की कार्रवाई

Punjab News Update: केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने होशियारपुर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर छापेमारी की।

नितिन कुमार राय

Highlights

  • पंजाब में कांग्रेसन ता सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर ईडी की छापेमारी

  • सोमवार सुबह जांच एजेंसी ने रेड मारकर कार्रवाई शुरू की

  • 2023 में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था

ED Raid In Punjab: प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को होशियारपुर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के आवास पर तलाशी अभियान चलाया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की मदद से चलाया गया यह तलाशी अभियान सोमवार सुबह जल्दी शुरू हुआ। इस मामले को लेकर अधिवक्ता एच.एस. सैनी ने कहा कि वे चंडीगढ़ स्थित प्रवर्तन विभाग से हैं। मेरे पास इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है; मेरी केवल दो अधिकारियों से मुलाकात हुई। उन्होंने मुझे जांच पूरी होने तक इंतजार करने के लिए कहा और बताया कि जांच पूरी होने के बाद वे मुझे मामले से जुड़ी जानकारी देखने देंगे, साथ ही मुझे उचित कानूनी सलाह लेने का मौका भी देंगे।

2023 में दर्ज हुआ है आपराधिक मामला

जनवरी 2023 में, पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा, आईएएस अधिकारी नीलिमा और 10 सरकारी अधिकारियों के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। इन पर आरोप है कि इन्होंने एक औद्योगिक प्लॉट को एक रियलटर कंपनी को ट्रांसफर कर दिया और कंपनी को प्लॉट बांटकर वहां एक टाउनशिप बनाने की अनुमति दे दी। इस मामले के संबंध में 'गुलमोहर टाउनशिप प्राइवेट लिमिटेड' नाम की रियलटर फर्म के तीन मालिकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है

विजिलेंस ब्यूरो ने PSIDC के सात अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एस्टेट ऑफिसर अंकुर चौधरी, GM (पर्सनेल) दविंदरपाल सिंह, चीफ जनरल मैनेजर (प्लानिंग) JS भाटिया, ATP (प्लानिंग) आशिमा अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर परमिंदर सिंह, DA रजत कुमार और SDE संदीप सिंह शामिल हैं। इन सभी पर आरोप है कि इन्होंने आपस में मिलीभगत करके एक रियलटर फर्म को अनुचित लाभ पहुंचाया। राज्य VB के एक प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार ने उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1987 में 'आनंद लैम्प्स लिमिटेड' को सेल डीड के जरिए 25 एकड़ जमीन आवंटित की थी, जिसे बाद में 'सिग्निफाई इनोवेशन' नाम की फर्म को ट्रांसफर कर दिया गया।

विभागीय समिति बनाई गई थी

इसके बाद, 'सिग्निफाई इनोवेशन' ने पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (PSIDC) से 'नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) लिया और फिर सेल डीड के जरिए यह जमीन 'गुलमोहर टाउनशिप' को बेच दी। मार्च 2021 में, तत्कालीन उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा ने 'गुलमोहर टाउनशिप' से प्राप्त एक पत्र PSIDC के तत्कालीन MD को भेजा, जिसमें प्लॉटों को और अधिक हिस्सों में बांटने की मांग की गई थी। प्रवक्ता ने आगे बताया कि PSIDC के MD ने इस रियलटर फर्म के प्रस्ताव की जांच के लिए एक विभागीय समिति बनाई थी।

जरूरी दस्तावेज पर ध्यान नहीं दिया

इस समिति में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर SP सिंह, एस्टेट ऑफिसर अंकुर चौधरी, भाई सुखदीप सिंह सिद्धू, GM (पर्सनेल) दविंदरपाल सिंह, DTP तेजवीर सिंह (अब दिवंगत), चीफ जनरल मैनेजर (प्लानिंग) JS भाटिया, ATP (प्लानिंग) आशिमा अग्रवाल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर परमिंदर सिंह, DA रजत और SDE संदीप सिंह शामिल थे। SP सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति ने रियलटर फर्म के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, जिसमें 12 प्लॉटों को 125 प्लॉटों में बांटने की बात कही गई थी। समिति ने ऐसा करते समय प्रस्ताव रिपोर्ट, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, 'आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन' और 'मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन' जैसे जरूरी दस्तावेजों पर ध्यान ही नहीं दिया।

पंजाब में AAP को एक और झटका, विधायक कुंवर विजय प्रताप सिंह ने विधानसभा से दिया इस्तीफा

उमर अब्दुल्ला की सरकार पर संकट? NC के 25 विधायक नाराज, 14 दिन का दिया अल्टीमेटम

Cyclone Explained: चक्रवात कैसे बनता है और बंगाल की खाड़ी में ज्यादा तूफान क्यों आते हैं?

11,200 मेगावाट की सियांग परियोजना पर बढ़ा विवाद, गिरफ्तारियों के खिलाफ अरुणाचल में आज बंद का ऐलान

जस्टिस भुइंया के बयान ने छेड़ी सामाजिक बहस, समाज में तानाशाही पनपने का खतरा क्यों बताया?