

Highlights:
SAAYA ने सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में बंद का आह्वान किया है।
परियोजना का विरोध कर रहे लोगों की गिरफ्तारी और जबरन सर्वे के खिलाफ बंद बुलाया है।
परियोजना से पुश्तैनी जमीन, गांवों के डूबने और विस्थापन की आशंका जताई जा रही हैं।
Bandh in Protest Against Siang Project: अरुणाचल प्रदेश के तीन जिलों में 2 नवंबर को 'बंद' का आह्वान किया गया है। यह विरोध प्रदर्शन उन लोगों की गिरफ्तारी के खिलाफ है, जो 11,200 मेगावाट की 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' (SUMP) का विरोध कर रहे थे।
'सियांग अफेक्टेड एरिया यूथ एसोसिएशन' (SAAYA) ने सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में इस बंद की घोषणा की है। प्रभावित गांवों के प्रतिनिधियों की एक आपातकालीन बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया।
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन 'सियांग इंडिजिनस फार्मर फोरम', कई सामाजिक संगठनों, युवा समूहों और इस परियोजना से सीधे प्रभावित लोगों के सहयोग से किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना जबरन सर्वे किया जा रहा है।
आदिवासी समुदाय के कुछ वर्ग और प्रभावित गांवों के निवासी लगातार इस जलविद्युत परियोजना का विरोध कर रहे हैं, जिसे सियांग नदी पर प्रस्तावित किया गया है। उन्हें डर है कि इस परियोजना के कारण उनके पुश्तैनी गांव डूब सकते हैं और बड़े पैमाने पर लोगों को विस्थापित होना पड़ सकता है।
गौरतलब है कि 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' अरुणाचल प्रदेश में सियांग नदी पर प्रस्तावित एक बहुत बड़ी जलविद्युत परियोजना है। यही नदी आगे चलकर असम में प्रवेश करने पर ब्रह्मपुत्र बन जाती है। केंद्र सरकार इस परियोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानती है, खासकर इसलिए क्योंकि चीन अपनी तरफ की सीमा पर यारलुंग त्सांगपो नदी पर बड़े बांध बना रहा है
अरुणाचल सरकार के अनुसार, उपमुख्यमंत्री चौना मेन सियांग परियोजना को लेकर चिंता जताने वाले सभी समूहों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मेन ने कहा कि राज्य सरकार प्रस्तावित 'सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट' को लेकर चिंता जताने वाले सभी पक्षों जिनमें सामुदायिक संगठन और नागरिक समाज समूह शामिल हैं, उनके साथ बातचीत करने के लिए तैयार है।