यवतमाल पासपोर्ट सेवा केंद्र,(सोर्स: सौजन्य AI) 
यवतमाल

यवतमाल पासपोर्ट सेवा केंद्र की बड़ी छलांग: 8,585 आवेदन, 36 लाख से ज्यादा राजस्व; डाक विभाग की डिजिटल उड़ान

Yavatmal Passport Seva Kendra: यवतमाल पासपोर्ट सेवा केंद्र ने 2025-26 में 8,585 आवेदन लेकर 36 लाख से अधिक राजस्व अर्जित किया। बढ़ती विदेश शिक्षा और पर्यटन मांग से सेवाओं में तेजी आई है।

अंकिता पटेल

India Post Digital Services: यवतमाल में बदलते समय के साथ डाक विभाग ने खुद को पूरी तरह आधुनिक बना लिया है। अब यह विभाग केवल पत्र व्यवहार या आरडी जैसी पारंपरिक सेवाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि डिजिटल सेवाओं के साथ पासपोर्ट सेवा में भी आगे बढ़ रहा है। यवतमाल के डाक विभाग स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व के मामले में बड़ी छलांग लगाई है।

पिछले एक वर्ष में इस केंद्र पर कुल 8,585 नागरिकों ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। इससे सरकार को 36 लाख 17 हजार 51 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। डाक अधीक्षक मोहन निकम ने बताया कि इस उपलब्धि में पासपोर्ट कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

विदेश जाने की इच्छा रखने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर उच्च शिक्षा के लिए सामान्य परिवारों के छात्र भी आगे आ रहे हैं। इसके अलावा पर्यटन के लिए विदेश जाने वालों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

'एजुकेशन' और 'टूरिस्ट बीजा के लिए लोगों में काफी उत्साह देखा गया। वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही पासपोर्ट के लिए आवेदन बड़ने लगे थे। त्योहारों और छुट्टियों के समय इसमें और तेजी आई।

पुलिस सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया सरल होने से लोगों का डाक विभाग पर भरोसा बड़ा है। वर्ष 2025-26 में करीब 18,500 आवेदकों ने इस सुविधा का लाभ लिया, आधुनिक तकनीक से सफलता शिक्षा और पर्यटन वीजा की बढ़ती मांग से राजस्व में इजाफा हुआ है। डाक विभाग द्वारा दी जा रही पासपोर्ट सेवा तेज और सुविधाजनक है।

कर्मचारियों के सहयोग और आधुनिक तकनीक के कारण 15 हजार से अधिक आवेदनों का आंकड़ा पार किया गया। लगभग 36 लाख का राजस्व इस सेवा की सफलता का प्रमाण है, यह जानकारी डाक अधीक्षक मोहन निकम ने दी।

तकनीकी सुविधा अच्छी लेकिन भौतिक व्यवस्था कम

हालांकि पासपोर्ट सेवा केंद्र की तकनीकी सुविधा बेहतर है, लेकिन भौतिक सुविधाओं की कमी के कारण नागरिकों को परेशानी हो रही है। यहां पर्याप्त जगह नहीं है और प्रतीक्षा कक्ष का अभाव है।

इसके चलते बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और दिव्यांगों को बाहर इंतजार करना पड़ता है। स्वच्छतागृह की सुविधा भी नहीं होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। नागरिकों ने डाक विभाग से इन समस्याओं पर ध्यान देने की मांग की है।

DUSU Election 2026 LIVE: दिल्ली यूनिवर्सिटी में वोटिंग शुरू, 2.75 लाख छात्र चुन रहे नया छात्र संघ

Passport Rules Changed: 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए पासपोर्ट वैधता और फीस दोनों बदले, जाने नया नियम

खत्म हो रहा है PM मोदी का राजयोग? संजय राउत ने दिया ज्योतिष शास्त्र का हवाला, बोले- ग्रह छुट्टी पर नहीं जाते

IndiGo से सफर हुआ महंगा: गोद में बच्चे को बैठाने से ज्यादा सामान ले जाने तक, एयरलाइन ने बढ़ा दिए ये चार्जेस

कांग्रेस सांसद का पत्र मिलते ही 5 मिनट में आया गडकरी का फोन, तुरंत दिए कार्रवाई के निर्देश