डाकघर से शेयर बाजार का रास्ता साफ! पोस्ट ऑफिस से करें निवेश, स्टॉक होल्डिंग के साथ हुआ ऐतिहासिक करार

India Post: डाक विभाग में सचिव वंदिता कौल ने कहा कि यह सहयोग वित्तीय समावेशन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है और विकसित भारत 2047 की कल्पना के साथ मेल खाता है।
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(कॉन्सेप्ट फोटो)
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India Post And Share Market: भारत सरकार के संचार मंत्रालय के डाक विभाग (डीओपी) ने मंगलवार को नई दिल्ली के डाक भवन में स्टॉक होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड (एसएसएल) के साथ देश भर के नागरिकों के लिए रेगुलेटेड कैपिटल मार्केट सेवाओं तक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

इस समझौते का उद्देश्य भारतीय डाक की पहुंच और भरोसे का इस्तेमाल करके संगठित और नियमित पूंजी बाजार में नागरिकों की अधिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।

निवेशकों को मिलेंगी ये सुविधाएं

इस समझौते के अंतर्गत, नागरिकों को आधिकारिक प्लेटफॉर्म और चुने हुए डाकघर पर उपलब्ध ऑनबोर्डिंग लिंक और क्यूआर कोड जैसी डिजिटल सुविधाओं के जरिए एसएसएल की सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इन सेवाओं में डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना, म्यूचुअल फंड में निवेश, आईपीओ में हिस्सा लेना और दूसरे निवेश उत्पाद शामिल हैं। संचार मंत्रालय ने कहा कि इस साझेदारी का एक मुख्य केन्द्र वित्तीय जागरूकता और निवेशक शिक्षा है। एसएसएल, डाक विभाग के सहयोग से, फाइनेंशियल मार्केट में सोच-समझकर भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए निवेशक शिक्षा और फाइनेंशियल साक्षरता कार्यक्रम आयोजित करेगा।

विकसित भारत की ओर अहम कदम

डाक विभाग में सचिव वंदिता कौल ने कहा कि यह सहयोग वित्तीय समावेशन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दिखाता है और विकसित भारत 2047 की कल्पना के साथ मेल खाता है। उन्होंने बताया कि यह पहल भारतीय डाक के बड़े नेटवर्क और हाल के डिजिटल बदलाव का इस्तेमाल करके पूंजीगत बाजार में नागरिकों की व्यापक और सुरक्षित भागीदारी को संभव बनाएगी।

स्टॉक होल्डिंग सर्विसेज लिमिटेड के एमडी और सीईओ प्रभात कुमार दुबे ने इस पहल के लिए डाक विभाग के साथ जुड़ने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि एसएसएल पूरे देश में पारदर्शी और नियमित पूंजी बाजार सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने और निवेशकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान

यह साझेदारी इंडिया पोस्ट के डिजिटल रूप से सक्षम, नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण संस्था में चल रहे बदलाव में एक और कदम है और उम्मीद है कि यह निवेशक जागरूकता, नागरिक सशक्तिकरण और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।