यवतमाल के महागांव में सूखी नदी (फोटो नवभारत) 
यवतमाल

यवतमाल में विधायक के खिलाफ फूटा जनता का गुस्सा, पानी की किल्लत और किसानों की बेहाली से बढ़ा बवाल

Yavatmal News: यवतमाल जिले के महागांव तहसील में पानी, बिजली और फसल बीमा जैसी समस्याओं को लेकर नागरिकों ने MLA के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जनप्रतिनिधि की की लापरवाही से जनता में भारी आक्रोश है।

केतकी मोडक

Yavatmal Mahagaon Water Crisis: यवतमाल जिले के महागांव तहसील के विधानसभा क्षेत्र से चुने गए विधायक पर मतदाताओं की समस्याओं को अनदेखा करने का गंभीर आरोप सामने आ रहा हैं। स्थानीय नागरिको का कहना है कि महंगाई, पानी की कमी, गैस टंचाई और बार-बार बाधित हो रही बिजली आपूर्ति जैसी मूलभूत समस्याओं से लोग परेशान हैं, लेकिन जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान नहीं दे रहे।

चिराग तले अंधेरा जैसी स्थिति

ग्रामीण क्षेत्रों से यह आवाज उठ रही है कि यवतमाल विधायक से जो अपेक्षाएं थीं, वे पूरी नहीं हो रही हैं लोगों ने उन्हें बड़ी उम्मीदों के साथ चुन था, लेकिन अब निराशा का माहौल बनत जा रहा है। हाल ही में हुई भीषण बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन अब तक उन्हें फसल बीमा का लाभ नहीं मिल पाया है. सरकारी सूची में रात बित शामिल न होने से किसानों में चिंता बढ़ गई है, कि वे इस योजना से वंचित रह जाएंगे। तहसील में 'चिराग तले अंधेरा' जैसी स्थिति बनी हुई है। बांध में पानी होने के बावजूद नदी सूखी है और गांवों में पानी की समस्या गंभीर बनी हुई है। गर्मी के कारण भूजल स्तर नीचे चला गया है, जिससे हालात और खराब हो गए से नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

स्थानीय लोगों को हो रही हैं दिक्कतें

46°C तापमान में बिजली की समस्या ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारियों पर जनप्रतिनिधियों का नियंत्रण नहीं रहा, जिसके कारण निकृष्ट दर्जे के काम हो रहे हैं और अवैध धंधे बढ़ रहे हैं। कई सरकारी कार्यालयों में दलालों सामने आ रही हैं। महागांव तहसील में बुनियादी सुविधाओं की कमी, प्रशासनिक उदासीनता और जनप्रतिनिधियों की निर्षक्रयता को लेकर असंतोष बढ़ता जा रहा है। स्थानीय लोगों की मांग है कि विधायक स्वयं तालुका में आकर बैठक करें, समस्याएं सुनें और अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर ठोस समाधान निकालें।

क्या कहते है स्थानीय निवासी?

किसान नेता मनीष जाधव ने कहा कि हमारी तहसील में रोजगार और कृषि विकास के अभाव में पलायन बढ़ रहा है। किसान बीमा योजना से वंचित है। खेती ही एकमात्र साधन है लेकिन किसानों को हर साल संकट से गुजरना पड़ रहा है।

राष्ट्रीय किसान मोर्चा के सदस्य प्रमोद जाधव ने कहा कि बीते कई दशकों से तहसील को हमेशा उपेक्षा का सामना करना पड़ा है। जो भी नेता आते हैं वे जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं कर रहे हैं। अब जनता को सक्रिय और जिम्मेदार नेतृत्व की जरूरत है।

पूर्व जि.प. सदस्य पंजाब देशमुख खडकेकर ने बताया कि तहसील में विकास की योजनाएं व से अधूरी है। सरकार और जनप्रतिनिधियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जससे महागांव तहसील विकास से कोसो दूर जर आ रहा है।

जन आंदोलन आधार संघर्ष समिति के जगदीश नरवाड़े ने बताया कि महागांव समस्याओं का केंद्र बन चुका है। भ्रष्टाचार और अवैध धंधों पर रोक लगाने की जरूरत है। जनप्रतिनिधियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।

- नवभारत लाइव के लिए यवतमाल से विश्वनाथ महामुने की रिपोर्ट

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