Yavatmal District Jal Jeevan Mission: मारेगांव सरकार द्वारा जलापूर्ति योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को आज भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। मारेगांव तहसील की 28 ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले 39 गांवों में गंभीर जल संकट पैदा हो गया है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, वैसे-वैसे तहसील के आदिवासी बहुल इलाकों, खासकर कोलाम बस्तियों में पानी की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। कुएं सूख चुके हैं, कई बोरवेल खराब पड़े हैं और नल जल योजनाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। कुछ गांवों में तो चार दिन में एक बार ही थोड़ी मात्रा में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
इससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार ने बड़े प्रचार के साथ 'जल जीवन मिशन' योजना के तहत तहसील के 108 गांवों में करोड़ों रुपये खर्च कर पानी की टंकियां और पाइपलाइन बिछाने का काम लगभग पूरा किया है। लेकिन हकीकत यह है कि ये पानी की टंकियां आज केवल शोभा की वस्तु बनकर रह गई हैं। इनमें से एक बूंद भी पानी ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है। दूसरी ओर, टंकियों में पानी न आने के कारण कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इन संरचनाओं को नुकसान भी पहुंचाया जा रहा है।
घर-घर नल कनेक्शन के लिए बिछाई गई पाइपलाइन भी अब जमीन में दबकर बेकार हो चुकी है। इससे सरकारी धन की भारी बर्बादी हुई है। एक तरफ जहां लोग पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहे हैं, वहीं प्रशासन अभी भी जल संकट का आराखड़ा तैयार करने में जुटा है। लेकिन समय पर ठोस उपाय नहीं किए जा रहे, ऐसी शिकायत प्रभावित गांवों के मारेगांव नागरिक कर रहे हैं। 24 अप्रैल को पंचायत समिति ने 20 गांवों में गंभीर जल संकट को देखते हुए कुओं में बोरवेल करने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को भेजा है। लेकिन लोगों का सवाल है कि मंजूरी कब मिलेगी और काम कब शुरू होगा?
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जल संकट के समय प्रशासन अक्सर निजी कुओं या बोरवेल का अधिग्रहण करता है और बाद में मालिकों को भुगतान किया जाता है। लेकिन वर्ष 2021-22 में 1 लाख 21 हजार 800 रुपये और 2022-23 में 27 हजार रुपये ही जल संकट के लिए मिले। पिछले तीन वर्षों से कोई भी भुगतान नहीं हुआ है, ऐसी जानकारी सामने आई है। इससे अब जल स्रोतों के अधिग्रहण में प्रशासन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
तहसील के घोगुलदरा, उमरी पोड, दुर्गाडा, वनोजादेवी, खडकी, टाकरखेडा, डोरली, वसंतनगर, रोहपट हेटी, पहापल, घोडदरा, पिसगी व., वेगांव मठ, पांडविहीर, खेकडवाई, करणवाडी, सांगपोड, गांधीनगर, हिवरी, वाघदरा का प्रस्तावित प्रारूप तैयार किया गया है।