Wardha Mid Day Meal Scheme: वर्धा जिले की 1,197 स्कूलों में शासन की पोषण आहार योजना लागू है। इसका लाभपहली से आठवीं कक्षा तक के 77 हजार 56 विद्यार्थियों को मिल रहा है। इनमें पहली से पांचवीं के 44 हजार 841 तथा छठी से आठवीं के 32 हजार 215 विद्यार्थी शामिल हैं। विद्यार्थियों को नियमित पोषण आहार मिल रहा है, लेकिन इसे तैयार करने वाले रसोइया व मददनीसों का मानधन पिछले तीन माह से अटका हुआ है।
विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, स्कूलों में उनकी उपस्थिति बढ़ाने तथा कुपोषण का खतरा कम करने के उद्देश्य से यह योजना चलाई जा रही है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की 1,197 स्कूलों में योजना का संचालन हो रहा है। आहार तैयार करने, वितरण करने तथा रसोईघर से जुड़े कार्यों में रसोइया और मददनीसों की महत्वपूर्ण भूमिका है। हालांकि, तीन माह से मानधन नहीं मिलने से इन कर्मचारियों में नाराजगी है।
मानधन के लिए आवश्यक प्रक्रिया 'स्पर्श' प्रणाली के माध्यम से की जाती है। तकनीकी अथवा प्रशासनिक कारणों से भुगतान प्रक्रिया लंबित होने की बात सामने आई है। अल्प मानधन पर काम करने वाले रसोइया व मददनीसों को समय पर भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रलंबित प्रक्रिया तत्काल पूरी करने की मांग की जा रही है।
रसोइया व मददनीसों को समय पर मानधन नहीं दिया जा रहा है। इस संदर्भ में महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति ने शिक्षण मंत्री, जिले के पालकमंत्री, आयुक्त को एक निवेदन जारी किया है। इसमें कहा कि, पुरे राज्य में यह स्थिति बनी हुई है। मानधन न होने से महिलाएं आर्थिक संकट में है। उत्सव व त्योहारों के मौसम में उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। रसोइया व मददनीसों को शीघ्र मानधन अदा करे, ऐसी मांग की गई है।
प्राथमिक शिक्षणाधिकारी सीमा पाटील ने कहा कि 'जिले की 1,197 स्कूलों में पोषण आहार योजना लागू है। 1,855 मददनीस व रसोइयों की सहायता से पहली से आठवीं कक्षा के 77 हजार 56 विद्यार्थियों को पोषण आहार दिया जा रहा है। पोषण आहार को लेकर किसी प्रकार की शिकायत होने पर शिक्षा अधिकारी कार्यालय को लिखित रूप में अवगत कराएं। शिकायत पर समय रहते कार्रवाई की जाएगी।'