

Maharashtra Anganwadi Fresh Food for Children: महाराष्ट्र के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही है
इसी बीच पूर्व बाल अधिकार आयोग और महिला आयोग की अध्यक्ष एडवोकेट सुशीबेन शाह ने बच्चों को बेहतर और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया है।
सुशीबेन शाह ने कहा कि तैयार पोषण मिश्रण के एक पैकेट की जगह दूसरा पैकेट उपलब्ध कराना बच्चों की पोषण संबंधी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
उनका कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को ताजा, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए। इसके लिए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।
शाह ने सुझाव दिया कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर स्थानीय स्तर पर आधुनिक और स्वचालित रसोई स्थापित की जा सकती हैं।
इन रसोई के जरिए महाराष्ट्र राज्य के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के लिए ताजा भोजन तैयार कर समय पर पहुंचाया जा सकता है। इससे भोजन की गुणवत्ता और आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था का फायदा केवल बच्चों के पोषण तक सीमित नहीं रहेगा। आधुनिक रसोई के संचालन में स्थानीय महिलाओं को रोजगार और आय के नए अवसर मिल सकते हैं। स्वयं सहायता समूहों को इससे आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी।
शाह के मुताबिक, पोषण और महिला सशक्तीकरण को एक साथ आगे बढ़ाने वाली ऐसी व्यवस्था अधिक प्रभावी साबित हो सकती है।
सुशीबेन शाह ने आधुनिक रसोई स्थापित करने के साथ भोजन की गुणवत्ता की नियमित जांच और उचित आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि बच्चों तक पहुंचने वाले भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
इसके लिए भोजन की तैयारी से लेकर आंगनवाड़ी केंद्र तक उसकी आपूर्ति की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जानी चाहिए।
शाह के सुझाव के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाला ताजा भोजन बच्चों की पोषण जरूरतों को पूरा करने में अधिक उपयोगी हो सकता है।
साथ ही, स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। इससे आंगनवाड़ी पोषण व्यवस्था को अधिक स्थानीय, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।