Make in India के 12 साल, PM मोदी बोले- भारत में ज्यादा उत्पादन और निवेश, हर सेक्टर में आया बदलाव

12 Years of Make in India: मेक इन इंडिया के 12 साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, डिफेंस और फार्मा सेक्टर में उत्पादन बढ़ने को भारत की बड़ी उपलब्धि बताया।
12 years of Make in India
मेक इन इंडिया के 12 साल पूरे(सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

PM Modi on Make in India: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2014 को देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने और देश को दुनिया का बड़ा प्रोडक्शन सेंटर बनाने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की शुरुआत की थी। आज इस अभियान को 12 साल पूरे हो गए। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि इससे भारत के कई सेक्टर्स में बड़ा बदलाव आया है और देश के निर्यात और निवेश में भी इजाफा हुआ है।  

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, भारत में ज्यादा उत्पादन, भारत में ज्यादा निवेश, भारत से ज्यादा निर्यात। हर सेक्टर में बदलाव साफ दिख रहा है।  मेक इन इंडिया आने के बाद से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्पादन लगभग सात गुना बढ़ गया है, जो 2014-15 में 1.9 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 13.11 लाख करोड़ रुपए हो गया है। वहीं, देश में बने डिफेंस उत्पादों की वैल्यू 2014-15 में 46,429 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.78 लाख करोड़ रुपए हो गई है।

इनोवेशन-मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बना भारत

भारत को मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और इनोवेशन के लिए ग्लोबल हब बनने के मकसद से 25 सितंबर 2014 को ‘मेक इन इंडिया’ शुरू किया गया था। आज यह पहल 27 सेक्टर में लागू है, जिनमें 15 मैन्युफैक्चरिंग और 12 सर्विस सेक्टर शामिल हैं।

33 गुना बढ़कर मोबाइल-फोन प्रोडक्शन 

मेक इन इंडिया की लागू अवधि में देश का इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन में मोबाइल-फोन का प्रोडक्शन लगभग 33 गुना बढ़कर 18,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 6.27 लाख करोड़ रुपए हो गया। वॉल्यूम के हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन बनाने वाला देश है।

गाड़ियों के प्रोडक्शन में इजाफा

सरकारी फैक्टशीट के मुताबिक, 2024-25 में गाड़ियों का प्रोडक्शन 31.03 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया, जो 2014-15 के मुकाबले 33 प्रतिशत ज्यादा है। 2020-21 की तुलना में 2024-25 में कई तरह की गाड़ियों के प्रोडक्शन में भी काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

फार्मास्युटिकल में देश को बड़ी कामयाबी

वही, फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री आज वॉल्यूम के हिसाब से दुनिया में तीसरे और वैल्यू के हिसाब से 11वें नंबर पर है। 2024-25 में सालाना टर्नओवर 4,71,898 करोड़ रुपए तक पहुंच गया मेडिकल डिवाइस की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग 48.2 प्रतिशत बढ़ी, जो 2019-20 में 28,000 करोड़ रुपए से बढ़कर 2024-25 में 41,500 करोड़ रुपए हो गई है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com