चंद्रशेखर बावनकुले वर्धा (सोर्सः सोशल मीडिया)
वर्धा

वर्धा में सूखे का जायजा लेने खेतों में पहुंचे चंद्रशेखर बावनकुले, किसानों को जल्द आर्थिक सहायता का आश्वासन

Wardha Drought: वर्धा जिले में कम बारिश के कारण सूखे की स्थिति के बीच राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया।

आंचल लोखंडे

Chandrashekhar Bawankule In Wardha: अल नीनो के प्रभाव के चलते कम बारिश होने से जिले में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस पृष्ठभूमि में किसानों की समस्याओं और फसलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले तथा जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने शनिवार को खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं जानीं।

इस अवसर पर विधायक राजेश बकाने, विधायक सुमित वानखेडे, पूर्व सांसद रामदास तडस, अपर जिलाधिकारी संजय तेली, जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी अरविंद उपरीकर, पशुसंवर्धन विभाग के उपायुक्त डॉ. जगदीश बुकतरे तथा कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जीवन कतोरे सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। देवली तहसील के रत्नापुर में महिला किसान सुमित्रा रवि नाडे के खेत में सोयाबीन की फसल का राजस्व मंत्री और पालकमंत्री ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रीमती नाडे सहित अन्य किसानों से फसल की स्थिति की जानकारी ली।

वर्धा के किसानों की बढ़ी चिंता

किसानों ने बताया कि बारिश में लंबे अंतराल और पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण सोयाबीन की फलियों में दाने नहीं भर पाए हैं। इससे औसत उत्पादन काफी कम रहने की आशंका है। राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त तहसीलों की सूची घोषित की है, जिसमें वर्धा जिले की सात तहसीलों का समावेश है। किसानों को सूखा राहत और फसल नुकसान का मुआवजा दिलाने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन तथा ई-फसल निरीक्षण महत्वपूर्ण हैं।

सरकार ने ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन फसल निरीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। ऐसे में प्रत्येक किसान की फसल का निरीक्षण तत्काल पूरा करने के निर्देश राजस्व मंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि नुकसानग्रस्त किसानों को राहत का लाभदिलाने के लिए पंचनामे सटीक और समय पर पूरे किए जाएं। पंचनामे संयुक्त रूप से तथा किसानों की उपस्थिति में किए जाएं। इन्हें ग्रामसभा के समक्ष प्रस्तुत करने और संबंधित किसानों को दिखाने के निर्देश भी दिए, ताकि बाद में किसी प्रकार की शिकायत न आए।

जल्द मिलेगी किसानों को आर्थिक सहायता

राजस्व मंत्री ने कहा कि सूखे की स्थिति में किसानों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री स्वयं किसानों के खेतों तक पहुंच रहे हैं। किसानों को जल्द ही प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जाएगी, बैंक ऋण की वसूली में भी राहत दी गई है। बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों से कर्ज वसूली के लिए अपने प्रतिनिधि न भेजें।

उन्होंने कहा कि नुकसान की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मंत्री और विधायक खेतों का दौरा कर रहे हैं। केंद्र सरकार की सहायता की प्रतीक्षा किए बिना राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने की नीति अपनाई है। इस दौरान उन्होंने खर्च में कटौती कर मुख्यमंत्री सहायता निधि में योगदान देने की अपील भी की।

कारंजा को सूखाग्रस्त सूची में शामिल करेंगे

राज्य सरकार द्वारा घोषित सूखाग्रस्त तहसीलों की ट्रिगर-1 सूची में जिले की सात तहसीलों को शामिल किया गया है, लेकिन कारंजा का नाम इसमें नहीं है। कारंजा तहसील को पानी की कमी वाले क्षेत्र के रूप में जाना जाता है।

क्षेत्र के किसानों ने राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर मांग की कि पिछले वर्ष की बारिश के मानदंड के बजाय इस वर्ष की स्थिति को आधार बनाया जाए। किसानों ने बताया कि इस साल पिछले वर्ष की तुलना में कम बारिश हुई है, इसलिए कारंजा को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किया जाए। इस पर किसानों से चर्चा करते हुए राजस्व मंत्री बावनकुले ने कारंजा तहसील को सूखाग्रस्त सूची में शामिल करने का आश्वासन दिया।

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