

Mahadev Ghat Ganeshkund Nashik: अनंत चतुर्दशी की पृष्ठभूमि में महादेव घाट स्थित गणेशकुंड की क्षमता को लेकर शुक्रवार देर रात गणेशभक्तों में आक्रोश फैल गया। गणेशकुंड भर जाने के कारण कुछ गणेश मंडलों को वहां मूर्ति विसर्जन करने से रोककर वैकल्पिक स्थान पर जाने के निर्देश दिए जाने से मंडल पदाधिकारियों ने प्रशासन की व्यवस्था और नियोजन पर तीखी नाराजगी जताई।
मंडल पदाधिकारियों का आरोप था कि विसर्जन का दिन पहले से निर्धारित होने के बावजूद गणेशकुंड की क्षमता और आवश्यक व्यवस्थाओं का पर्याप्त नियोजन नहीं किया गया।
मूर्ति, विसर्जन जुलूस के वाहन और कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे मंडलों को ऐन समय पर वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए कहे जाने से उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस घटना से नाराज गणेशभक्तों ने मध्यरात्रि करीब एक बजे महादेव घाट स्थित गणेशकुंड परिसर में धरना शुरू कर दिया। आंदोलकों ने संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
साथ ही गणेशकुंड के विस्तार की भी मांग उठाई गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद मनपा आयुक्त रवींद्र जाधव और अपर पुलिस अधीक्षक सूरज गुंजाल महादेव घाट गणेशकुंड पहुंचे और गणेशभक्तों तथा मंडल पदाधिकारियों से चर्चा की।
चर्चा के दौरान गणेशकुंड के विस्तार का प्रस्ताव आगामी महासभा में प्रस्तुत कर उस पर निर्णय लेने तथा इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया गया। इसके बाद आंदोलकों ने अपना आंदोलन समाप्त करते हुए गणेशमूर्तियों के विसर्जन की प्रक्रिया शुरू की।
लेकिन, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर गणेशभक्तों में मनपा प्रशासन की कार्यप्रणाली और नियोजन के प्रति नाराजगी देखी गई। विसर्जन केंद्रों की क्षमता, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, पानी, पर्याप्त मनुष्यबल और यातायात व्यवस्था का पूर्व नियोजन किया जाना अपेक्षित था।
इसके बावजूद ऐन समय पर उत्पन्न हुई स्थिति ने प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए। बताया गया कि गणेशकुंड परिसर में आंदोलक लगभग सुबह पांच बजे तक डटे रहे। गणेशोत्सव समिति के पदाधिकारियों, नगरसेवकों, पुलिस तथा मनपा प्रशासन के अधिकारियों ने उपस्थित गणेशभक्तों से चर्चा कर स्थिति को नियंत्रण में लाया। इसके बाद गणेशमूर्तियों का विसर्जन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।