Maratha Seva Sangh Politics: मराठा सेवा संघ (सोर्सः सोशल मीडिया) 
वर्धा

वर्धा जिले की राजनीति में मराठा सेवा संघ की बढ़ती पकड़, दो नगराध्यक्ष, एक पालकमंत्री

Maratha Seva Sangh Politics: वर्धा जिले की राजनीति में मराठा सेवा संघ से निकले नेताओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है, जहां दो नगराध्यक्ष और एक पालकमंत्री संगठन की बढ़ती राजनीतिक ताकत को दर्शाते हैं।

आंचल लोखंडे

Wardha district politics: वर्धा जिले की राजनीति में मराठा सेवा संघ की पकड़ लगातार मजबूत होती दिखाई दे रही है। हाल ही में हुए नगराध्यक्ष पद के चुनावों में संगठन से जुड़े दो चेहरे नगराध्यक्ष बने हैं। वर्धा नगर परिषद में सुधीर पांगुल तथा देवली नगर परिषद में किरण ठाकरे निर्वाचित होकर सत्ता में आए हैं। दोनों लंबे समय से मराठा सेवा संघ के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं और संगठनात्मक अनुभव के बल पर नगर राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बना पाए हैं।

जिले के पालकमंत्री एवं राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने भी सक्रिय राजनीति में आने से पहले मराठा सेवा संघ में कार्य किया था। इसी दौरान उनकी पहचान और मित्रता सुधीर पांगुल से हुई। संगठनात्मक कार्यों के दौरान दोनों ने कई सामाजिक अभियानों में साथ काम किया, जिससे उनकी राजनीतिक समझ और जनसंपर्क मजबूत हुआ।

पालकमंत्री भोयर भी रहे हैं मराठा सेवा संघ से जुड़े

बाद में डॉ. भोयर ने कांग्रेस पार्टी में प्रवेश किया और युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बने। वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर राजनीति की नई पारी शुरू की और पहली बार विधायक बने। इसके बाद लगातार तीन बार वर्धा विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कर उन्होंने अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत की। एक वर्ष पूर्व उन्हें राज्य मंत्रिमंडल में राज्यमंत्री बनाया गया और वर्धा एवं भंडारा जिलों के पालकमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करीबी के रूप में उनकी पहचान अब पूरे राज्य में बनी है।

नगर परिषदों के माध्यम से सशक्त हो रहा नया नेतृत्व

चुनावों में जीत के बाद सुधीर पांगुल और किरण ठाकरे अब नगर परिषद प्रशासन के माध्यम से जनसेवा का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में दोनों को बड़े राजनीतिक अवसर मिल सकते हैं। खासकर युवा नेता किरण ठाकरे के सामने लंबी राजनीतिक पारी की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं।

संगठन से निकले नेतृत्व ने बढ़ाई राजनीतिक मौजूदगी

मराठा सेवा संघ पिछले कई वर्षों से समाज, शिक्षा और विविध सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय रहा है। संगठन के माध्यम से युवाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित हुई है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ आज डॉ. पंकज भोयर, सुधीर पांगुल और किरण ठाकरे को मिला है। इसी कड़ी में संगठन से उभरता एक और नाम तुषार उमाले का भी है, जो सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से शहर में अपनी अलग पहचान बना रहे हैं और भविष्य में जिले की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

संभाजी ब्रिगेड

वर्धा शहर में सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने वालों में स्वर्गीय नीरज बुटे का नाम विशेष रूप से लिया जाता रहा है। संभाजी ब्रिगेड के माध्यम से उन्होंने साफ-सुथरी और जनहितैषी राजनीति की छवि बनाई थी। उनके अचानक निधन से संगठन और शहर दोनों को बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन उनकी कार्यशैली ने युवाओं को सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी के लिए नई प्रेरणा दी है।

कुल मिलाकर, जिले की राजनीति में मराठा सेवा संघ से तैयार हुआ नेतृत्व अब निर्णायक भूमिका निभाता नजर आ रहा है। नगर परिषदों से लेकर विधानसभा और मंत्रिमंडल तक इसकी उपस्थिति स्पष्ट है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह संगठनात्मक शक्ति जिले की राजनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाती है।

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