CM फडणवीस पर टिप्पणी करना पड़ा भारी! वायरल वीडियो से मचा बवाल, BJP ने पूजा मोरे का काटा टिकट

Pune Municipal Election 2026 Updates: पुराने वीडियो में देवेंद्र फडणवीस की आलोचना के बाद पुणे बीजेपी उम्मीदवार पूजा मोरे का नामांकन वापस। कार्यकर्ताओं के दबाव में बदला फैसला।
devendra fadnavis and pooja more
देवेंद्र फडणवीस और पूजा मोरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Maharashtra Politics: कार्यकर्ताओं के भारी दबाव के बाद फैसला पुणे महानगरपालिका (PMC) के आगामी चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। पार्टी ने वार्ड नंबर 2 (फुलेनगर-नागपुर चाल) से अपनी घोषित उम्मीदवार पूजा मोरे-जाधव की उम्मीदवारी वापस ले ली है। यह कदम तब उठाया गया जब भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं ने उनके चयन पर तीव्र विरोध जताया और उनके पुराने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए।

क्या था विवादित वीडियो का मामला?

पूजा मोरे-जाधव की उम्मीदवारी तब संकट में घिर गई जब मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान के उनके पुराने वीडियो सामने आए। इन वीडियो में वह कथित तौर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी के खिलाफ व्यक्तिगत और तीखी टिप्पणियां करती नजर आ रही थीं। बीजेपी कार्यकर्ताओं का तर्क था कि जिस व्यक्ति ने पार्टी नेतृत्व का अपमान किया हो, उसे आधिकारिक 'एबी फॉर्म' (AB Form) देना गलत है।

सांसद मुरलीधर मोहोल ने की पुष्टि

केंद्रीय मंत्री और पुणे से भाजपा सांसद मुरलीधर मोहोल ने पुष्टि की है कि पार्टी ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी है। मोहोल ने स्पष्ट किया कि कार्यकर्ताओं की भावनाओं और पार्टी की विचारधारा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पूजा मोरे-जाधव को यह टिकट सहयोगी दल आरपीआई (RPI) के कोटे के तहत दिया गया था, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया।

पूजा मोरे का बचाव: 'मैं ट्रोलिंग का शिकार हुई'

नामांकन वापस लेने के बाद पूजा मोरे-जाधव मीडिया के सामने फूट-फूटकर रो पड़ीं। उन्होंने खुद को सोशल मीडिया 'ट्रोलिंग' का शिकार बताया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा, "मेरे बारे में गलत जानकारी फैलाई गई। वह विवादित वीडियो मेरा नहीं, बल्कि किसी और लड़की का था, जिसे जानबूझकर मेरे नाम से जोड़ा गया ताकि मेरी छवि खराब की जा सके।" उन्होंने यह भी दावा किया कि वह हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास रखती हैं, लेकिन माहौल को देखते हुए उन्होंने खुद पीछे हटने का फैसला किया।

बीजेपी के भीतर असंतोष का संकेत राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक उम्मीदवार का नहीं है, बल्कि पुणे बीजेपी के भीतर 'बाहरी बनाम निष्ठावान' कार्यकर्ताओं की जंग का नतीजा है। कई पुराने नेता इस बात से नाराज थे कि नए आए चेहरों को प्राथमिकता दी जा रही है। पूजा मोरे के हटने के बाद अब पार्टी वार्ड नंबर 2 में किसी अन्य निर्दलीय या सहयोगी दल के उम्मीदवार को समर्थन देने पर विचार कर रही है।

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