Stock Market For Beginners: कम उम्र में अर्थशास्त्र और वित्तीय बाजारों में रुचि विकसित कर उसे लेखन के माध्यम से सामने लाने वाले आंजनेय राव ने ‘From Mind to Market: Beginner’s Guide to Stock Market Foundation’ नामक पुस्तक प्रकाशित की है। आंजनेय वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं ठाणे मनपा के आयुक्त सौरभ राव के पुत्र हैं। आंजनेय वर्तमान में आईबी डिप्लोमा के विद्यार्थी हैं।
शेयर बाजार में नए निवेशकों के लिए लिखी गई यह पुस्तक बाजार की बुनियादी समझ विकसित करने पर केंद्रित है। इसमें फंडामेंटल एनालिसिस, टेक्निकल एनालिसिस, निवेश रणनीतियां, चार्ट पैटर्न, जोखिम प्रबंधन, बाजार की तरलता और एसेट एलोकेशन जैसे विषयों को सरल भाषा में समझाने का प्रयास किया गया है। पुस्तक का मुख्य संदेश “Think, Invest, Grow” यानी “सोचें, निवेश करें और आगे बढ़ें” है।
पुस्तक के परिचय के अनुसार आंजनेय किशोर वय में ही पिछले तीन वर्षों से शेयर बाजार और वित्तीय बाजारों का अध्ययन कर रहे हैं। उनका उद्देश्य जटिल आर्थिक अवधारणाओं को नए निवेशकों के लिए आसान बनाना और उन्हें वित्तीय निर्णयों को समझने के लिए आवश्यक बुनियादी जानकारी उपलब्ध कराना है। आंजनेय की रुचि केवल शेयर बाजार तक सीमित नहीं है। वे अर्थशास्त्र, गणित और वैश्विक राजनीति का अध्ययन कर रहे हैं। भविष्य में विश्वविद्यालय स्तर पर अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने की इच्छा रखते हैं। लगातार सीखने और आर्थिक विषयों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की रुचि ने उन्हें पुस्तक लेखन की दिशा में प्रेरित किया।
Amazon पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार ‘From Mind to Market’ का प्रकाशन पिछले 5 अगस्त को हुआ है और यह पाठकों के लिए उपलब्ध है। पुस्तक विशेष रूप से उन युवाओं और शुरुआती निवेशकों के लिए तैयार की गई है, जो शेयर बाजार को समझने की शुरुआत करना चाहते हैं।
आंजनेय को कम उम्र से ही विषयों के अध्ययन व लेखन की रुचि रही है। उनके पिता सौरभ राव 2003 बैच के महाराष्ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वे मार्च 2024 से ठाणे मनपा के आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। प्रशासनिक क्षेत्र में कार्यरत पिता के परिवार से आने वाले आंजनेय ने अपनी रुचि के विषय को अध्ययन और लेखन से जोड़ते हुए यह पुस्तक तैयार की है।
कम उम्र में वित्तीय विषय पर पुस्तक प्रकाशित करने की आंजनेय की पहल युवाओं में वित्तीय साक्षरता और निवेश संबंधी समझ विकसित करने के प्रयास के रूप में महत्वपूर्ण है। उनका काम यह भी रेखांकित करता है कि विद्यार्थी अपनी रुचि के विषयों में अध्ययन और लेखन के जरिए व्यावहारिक ज्ञान को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंचा सकते हैं।