

Mira Bhayandar Waterlogging City Rules: ठाणे के स्टील व लघु उद्योगों में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया गया है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सड़क का स्तर बढ़ने से नीचे हो चुके फैक्ट्री परिसरों में मौजूदा साइट पर शेड की ऊंचाई बढ़ाने के लिए नियमों के तहत निर्माण अनुमति देने की व्यवस्था तैयार की जाए।
मंत्री सरनाईक ने मंत्रालय में हुई बैठक में कहा कि मीरा-भाईंदर में सड़क निर्माण और नवीनीकरण के कारण कई जगह सड़क का लेवल पहले से ऊंचा हो गया है। इसके मुकाबले पुराने स्तर पर बने औद्योगिक भूखंड नीचे हो गए हैं। मानसून में इन परिसरों में पानी भरने से उत्पादन प्रभावित होता है और उद्यमियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
सरनाईक ने प्रशासन से कहा कि इस समस्या का समाधान अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी व्यवस्था के जरिए किया जाए। इसके लिए शहरी विकास विभाग और संबंधित एजेंसियां ‘सिटी स्पेसिफिक’ प्रस्ताव तैयार करें।
इसमें सड़क की वर्तमान ऊंचाई, क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और फायर सेफ्टी मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। प्रस्ताव के आधार पर प्रारंभिक अधिसूचना जारी कर नागरिकों, उद्यमियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव एवं आपत्तियां मांगी जाएंगी। इन पर विचार करने के बाद अंतिम प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
फैक्ट्री शेड की ऊंचाई बढ़ाने की अनुमति संबंधित नियमों और तकनीकी मानकों के अधीन होगी। सड़क के लेवल के साथ साइट की स्थिति, फायर सेफ्टी और संरचनात्मक सुरक्षा जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। कितनी ऊंचाई तक निर्माण की अनुमति दी जाएगी, यह अंतिम ‘सिटी स्पेसिफिक’ प्रस्ताव में स्पष्ट होगा।
बैठक में शहरी विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम कुमार गुप्ता, मीरा-भाईंदर मनपा आयुक्त राधाबिनोद शर्मा, ठाणे जिले की उद्योग विभाग की उपायुक्त सोनाली देवरे तथा मीरा-भाईंदर स्मॉल स्केल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष मो. उमर कपूर (पप्पू), उद्योगपति राजेंद्र मित्तल व अन्य पदाधिकारी और प्रतिनिधि मौजूद थे।