Ulhasnagar Municipal Corporation Election: उल्हासनगर महानगर पालिका में गुरुवार को देर शाम हुए स्वीकृत नगरसेवकों के चुनाव में शिवसेना ने अपना दबदबा कायम रखते हुए 7 में से 5 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चार स्वीकृत नगरसेवकों का संख्याबल होने पर भी 2 सीटें ही मिलीं।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान भाजपा के दो नामांकन तकनीकी कारणों से निरस्त होने और बाद में नए नामों की सिफारिश को लेकर हुए विवाद ने पूरे चुनाव को राजनीतिक रंग दे दिया। भाजपा ने इस प्रक्रिया को गैरकानूनी बताते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।
वर्तमान में उल्हासनगर महानगर पालिका में शिवसेना के 37 और भाजपा के 36 नगरसेवक हैं। इसी बीच महापौर अश्विनी निकम के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करने के मामले में निलंबित भाजपा नगरसेवक प्रधान पाटील चुनाव के दौरान सदन में पहुंचे, लेकिन निलंबन प्रभावी होने के कारण उन्हें सुरक्षा कर्मियों द्वारा सदन से बाहर कर दिया गया।
चुनाव के लिए भाजपा ने धनंजय बोडारे, राजेंद्र श्रीखंडे, कपिल अडसूळ और प्रदीप रामचंदानी के नामांकन दाखिल किए थे। जांच के दौरान कपिल अडसूळ और प्रदीप रामचंदानी के नामांकन तकनीकी त्रुटियों के कारण खारिज कर दिए गए। भाजपा के पास वैकल्पिक उम्मीदवारों के नामांकन नहीं होने से पार्टी मुश्किल में पड़ गई।
इसके बाद भाजपा ने अंतिम समय में महानगर पालिका आयुक्त मनीषा आव्हाळे को दो नए नामों की सिफारिश भेजी। इस पर शिवसेना के सभागृह नेता अरुण आशान और नाना बागुल ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि नामांकन जांच पूरी होने के बाद नए नाम स्वीकार करना नियमों के विरुद्ध है।
विवाद बढ़ने पर आयुक्त मनीषा आव्हाळे ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल सिफारिश आगे भेजी है, जबकि उसे स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार महासभा सदन और उसके सदस्यों एवं महापौर का है। इसके बाद महापौर ने स्वीकृत नगरसेवकों की सूची को मंजूरी देते हुए चुनाव परिणाम पर अंतिम मुहर लगा दी। शिवसेना ने 20 से अधिक आवेदन प्राप्त किए थे, इसलिए उसके पास पर्याप्त विकल्प उपलब्ध थे। इस चुनाव में वंचित बहुजन आघाड़ी के दो नगरसेवकों ने शिवसेना का समर्थन किया, जिसके चलते आशा पवार को शिवसेना के कोटे से स्वीकृत नगरसेवक बनाया गया।
शिवसेना (5)
पंचम कालानी
रमेश चौहान
हेमा पिंजानी
निलेश बोबडे
आशा पवार (वंचित बहुजन आघाड़ी के समर्थन से)
भारतीय जनता पार्टी (2)
राजेंद्र श्रीखंडे
धनंजय बोडारे
भाजपा के गटनेता राजेश वधारिया ने आरोप लगाया कि आयुक्त द्वारा सिफारिश भेजे जाने के बावजूद शिवसेना ने उसे अनुचित तरीके से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल की यह कार्रवाई पूरी तरह अन्यायपूर्ण है और भाजपा इस मामले को लेकर जल्द ही न्यायालय में याचिका दायर करेगी।