BMC में सत्ताधारी दल को बड़ा झटका; पार्षदों की गैरमौजूदगी से वडाला और दादर पुनर्विकास प्रस्ताव खारिज

Devendra Fadnavis BMC Meeting: मुंबई नगर निगम में बहुमत की कमी से वडाला और दादर के पुनर्विकास प्रस्ताव खारिज। सीएम देवेंद्र फडणवीस अनुपस्थित भाजपा पार्षदों से नाराज।
Devendra Fadnavis Angry on Absent BJP Corporator
BMC मीटिंग में बीजेपी नगरसेवकों की अनुपस्थिति से रद्द हुआ बड़ा प्रस्ताव भड़के फडणवीस (फोटो क्रेडिट-X)
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Devendra Fadnavis Angry on Absent BJP Corporator: मुंबई नगर निगम की हालिया आम बैठक सत्ताधारी दल के लिए किसी बुरे सपने से कम साबित नहीं हुई। दादर-नायगांव क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण भूखंड के पुनर्विकास और वडाला की रणनीतिक जमीन को गोदरेज कंपनी को देने से संबंधित दो प्रमुख प्रस्तावों को सदन में पेश किया गया था। इन अत्यावश्यक प्रस्तावों को पारित करने के लिए नियमानुसार 2/3 या 3/4 विशेष बहुमत की आवश्यकता थी। हालांकि, महत्वपूर्ण मतदान के समय सत्ताधारी पार्षदों की बड़ी संख्या में अनुपस्थिति के कारण सरकार को मुंह की खानी पड़ी और दोनों ही प्रस्ताव खारिज हो गए।

सदन में उस समय सत्ताधारी दल के केवल 61 पार्षद मौजूद थे, जबकि विपक्ष के 58 पार्षद एकजुट होकर विरोध में खड़े थे। विपक्ष द्वारा मतदान की मांग किए जाने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई कि सत्ता पक्ष के पास प्रस्ताव पारित कराने के लिए पर्याप्त आंकड़ा नहीं है। इस विफलता ने विशेष रूप से दादर-नायगांव पुनर्विकास परियोजना के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा दिए हैं, जिसे क्षेत्र के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

विपक्ष का प्रहार और भ्रष्टाचार के आरोप

कांग्रेस नेता अशरफ आजमी ने इस पूरे मामले में आक्रामक रुख अपनाते हुए सत्ताधारी दल को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि वडाला की जमीन निजी डेवलपर को देने के प्रस्ताव में भारी अनियमितताएं और तकनीकी खामियां थीं।

समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा

आजमी ने स्पष्ट किया कि मुंबई के करदाताओं के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। विपक्ष के इस आत्मविश्वास ने सत्ताधारी गठबंधन को रक्षात्मक होने पर मजबूर कर दिया है।

मुख्यमंत्री की फटकार और नोटिस की तैयारी

नगर निगम की बैठक में इस तरह की अव्यवस्था और पार्षदों की अनुपस्थिति ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नाराज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने लगातार बैठकों से नदारद रहने वाले पार्षदों की सूची मांगी है और उन पर सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

नोटिस भेजने की तैयारी

पार्टी अब उन भाजपा पार्षदों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है जिन्होंने न केवल बैठक में बाधा डाली, बल्कि अपनी अनुपस्थिति से पार्टी को सदन में कमजोर स्थिति में ला खड़ा किया।

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