

Mira Bhayandar Garbage Vehicles Unused: ठाणे जिले में मीरा-भाईंदर शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए परिवहन मंत्री एवं विधायक प्रताप सरनाईक की विशेष निधि से उपलब्ध कराई गई करीब 12-13 छोटी कचरा संग्रहण (घंटा) गाड़ियां घोड़बंदर बस डिपो में लंबे समय से खड़ी हैं।
आरोप है कि अब तक इनका नियमित उपयोग शुरू नहीं हुआ है और वाहनों का आरटीओ में पंजीकरण भी नहीं कराया गया है। खुले में खड़े रहने से वाहनों पर धूल जमने के साथ आसपास पानी जमा होने से जंग लगने की स्थिति बन रही है।
छोटी और संकरी सड़कों वाले झुग्गी-बस्ती क्षेत्रों से कचरा संग्रहण के लिए ये वाहन उपयोगी साबित हो सकते हैं। इसके बावजूद वाहनों के लंबे समय से खड़े रहने को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक निधि से खरीदे गए वाहनों का समय पर उपयोग नहीं होने से सरकारी धन का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है और वाहन भी खराब हो रहे हैं।
शिवसेना (शिंदे) प्रवक्ता रामभवन शर्मा ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए इन वाहनों को तत्काल झुग्गी-बस्ती क्षेत्रों में कचरा संग्रहण के लिए लगाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं होने पर शिवसेना पदाधिकारी आयुक्त कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
शिवसेना (शिंदे) के शहर प्रमुख सचिन मांजरेकर ने कहा कि मंत्री प्रताप सरनाईक की विशेष निधि से खरीदी गई घंटा गाड़ियों का उद्देश्य शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना है।
यदि वाहन लंबे समय से उपयोग के बिना खड़े हैं और उनका आरटीओ पंजीकरण भी नहीं हुआ है, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का विषय है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की मांग की।
इन वाहनों की खरीद लागत, आरटीओ पंजीकरण की स्थिति, रखरखाव और अब तक उपयोग नहीं किए जाने के कारणों पर ठाणे मनपा प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की जा रही है। अब सवाल है कि लाखों रुपये की लागत से उपलब्ध कराए गए इन वाहनों को सड़क पर उतारकर सफाई व्यवस्था में कब लगाया जाएगा।