प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया) 
ठाणे

Maharashtra News: उल्हासनगर चुनाव में बीजेपी की फॉर्म गड़बड़ी, प्रत्याशी चयन पर सवाल

Maharashtra Local Body Election: उल्हासनगर में भाजपा की तकनीकी चूक सामने आई है, जहां एक ही वार्ड में दो उम्मीदवारों को एबी फॉर्म जारी हो गए। कमल निशान मिलने से विवाद गहराया।

अपूर्वा नायक

Ulhasnagar News In Hindi: शहर भाजपा कमेटी की एक तकनीकी गलती यानी एक वार्ड में दो उम्मीदवारों को पार्टी का एबी फॉर्म गड़बड़ में आवंटित कर दिए जाने का मामला सामने आया है।

इसमें जिसको पार्टी अपने उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतारना चाहती थी अब भी निर्दलीय के रूप चुनावी मैदान है। गड़बड़ में जिस दूसरी महिला को एबी फॉर्म मिला उन्होंने पहले नामांकन भर दिया और उसको भाजपा की कमल की निशानी भी मिल गई।

भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेतृत्व द्वारा एक ही वार्ड से दो लोगों को एबी फॉर्म देने के कारण पार्टी की किरकिरी देखने को मिली। अन्य राजनीतिक दल से भाजपा में शामिल हुए तथा बाद में भाजपा के पदाधिकारी बने बटी कुरसीजा की पत्नी लक्ष्मी कुरसीजा को इस गलती का सीधा सीधा लाभ मिला।

निराशा में बदल गया उत्साह

लक्ष्मी को वार्ड नंबर 19 में कमल का निशान मिलने से कुरसीजा परिवार में इसको लेकर उत्साह का माहौल है। वहीं स्थानीय भाजपा ने साफ किया कि कमल का निशान पाने वाले कुरसीजा अधिकृत उम्मीदवार नहीं हैं। बल्कि भाजपा की प्रत्याशी कोमल लहरानी हैं। जिसकी वजह से उत्साह का माहौल निराशा में बदल गया। वहीं पार्टी का आदेश न मानने के चलते पार्टी ने बंटी कुरसीजा को मंडल अध्यक्ष के पद से भी हटा दिया है।

कुरसीजा ने नामांकन नहीं लिया वापस

  • उल्हासनगर भाजपा मंडल अध्यक्ष बेटी कुरसीजा और उनकी पत्नी लक्ष्मी कुरसीजा को वार्ड नंबर 19 से एबी फॉर्म दिया गया था। उन्होंने अपना नामांकन पत्र एवइल किया और पार्टी का कमल का निशान मिला।
  • इस तकनीकी गलती के बाद भाजपा शहर जिला अध्यक्ष राजेश वधारिया ने घोषणा की है कि लक्ष्मी कुरसीजा अधिकृत प्रत्याशी नहीं है। और उन्होंने कहा कि निर्दलीय के तौर पर नॉमिनेशन फाइल करने वाली कोमल लहरानी को ही पार्टी ने अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। पाटी ने कुरसीजा से अपना नामांकन वापस लेने का आग्रह भी किया था।
  • लेकिन उन्होंने पर्चा वापस नहीं लिया, कुरसीजा ने स्थानीय पत्रकारों को बताया कि वह कमल के निशान पर चुनाव लड़ेगी और जीतेंगी। उन्होंने पार्टी की वफादारी को नजरअंदाज करके दूसरी पार्टी से भाजपा में शामिल हुए किसी व्यक्ति की उम्मीदवारी को ऑफिशियल करने पर भी नाराजगी जताई।

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