Thane Slum Redevelopment: कभी एशिया के सबसे बड़े इंडस्ट्रियल क्षेत्र रहे वागले एस्टेट में बसे हजारों झोपड़ावासियों के पुनर्वास का मुद्दा गरम है। यहां के रामनगर क्षेत्र में वन विभाग की जमीन पर बसे झोपड़पट्टीवासियों को नोटिस मिलने के बाद नाराजगी छायी हुई है।
वहीं क्लस्टर पुनर्विकास प्रक्रिया में पात्रता साबित करने के लिए वर्ष 1995 के निवास प्रमाण और वर्ष 2011 के चुनाव आयोग से संबंधित निवास प्रमाण की शर्त के कारण कई रहवासियों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने से कुछ रहवासियों को वन विभाग की ओर से पात्र-अपात्र संबंधी नोटिस दिए गए हैं।
इसी मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में वागले एस्टेट झोपड़पट्टी बचाव समिति की बैठक शुक्रवार को आईटीआई सर्कल में आयोजित की गई। वरिष्ठ नगरसेवक मनोज शिंदे के नेतृत्व में आयोजित बैठक में क्षेत्र के बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए।
बैठक में वन विभाग की ओर से जारी पात्र-अपात्र नोटिसों पर विस्तार से चर्चा की गई। नागरिकों के पास उपलब्ध दस्तावेज, पात्रता के लिए आवश्यक प्रमाण और आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन दिया गया। लंबे समय से क्षेत्र में रह रहे लोगों ने दस्तावेजों की कमी के कारण सामने आ रही परेशानियों को पदाधिकारियों के सामने रखा। बैठक में नागरिकों से किसी तरह की जल्दबाजी या गलत कदम नहीं उठाने की अपील की गई। पात्रता से जुड़े मामलों को कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर उठाकर उचित कार्रवाई के लिए शिवसेना परिवार की ओर से सहयोग का भरोसा भी दिया गया।
पात्र-अपात्र नोटिस प्राप्त करने वाले नागरिकों से अपने सभी उपलब्ध दस्तावेजों की जांच करने, आवश्यक प्रमाण जुटाने और प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष उचित तरीके से रखने की अपील की गई। बैठक में यह भी कहा गया कि केवल दस्तावेजों की समस्या के कारण पात्र रहवासी पुनर्विकास के लाभ से वंचित न रहें, इसके लिए प्रशासन के स्तर पर लगातार प्रयास किए जाएंगे।
शिवसेना के वरिष्ठ नगरसेवक में बताया गया कि समस्या केवल रामनगर तक सीमित नहीं है। श्रीनगर, वारलीपाड़ा, कैलास नगर, रामनगर और जुना गांव इन पांच क्षेत्रों के हजारों रहवासियों का पुनर्विकास भी लंबित है। इन क्षेत्रों के रहवासियों को क्लस्टर पुनर्विकास के माध्यम से पक्के घर दिलाने के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर आवश्यक कार्रवाई के लिए पाठपुरावा करने की बात कही गई।
बैठक में शिवसेना के उपनेते आनंद राव जाधव, विभागप्रमुख परेश चालके, नगरसेवक योगेश जानकर, नगरसेविका डॉ. दर्शना जानकर, यज्ञा भोईर, पूर्व नगरसेवक गुरमुख सिंग स्यान, जितेंद्र वाघ, शैलेश शिंदे, आशाताई कांबले, उपविभागप्रमुख मारुती भालशंकर, उमेश सावंत, शाखाप्रमुख शशी जाधव, मनोहर मासवकर, दत्तात्रय आरोटे, धनंजय माने, महिला विभागप्रमुख साक्षीताई पठाणे सहित पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।