

Eknath Shinde Mumbai Development Blueprint: वैश्विक शहर और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का विकास केवल बड़ी सड़कों, मेट्रो और अन्य बुनियादी परियोजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इससे आम नागरिक का जीवन आसान होना चाहिए।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में मुंबई के विकास की रूपरेखा रखते हुए इसी सोच को केंद्र में रखा।
उन्होंने कम यात्रा समय, रोजगार, आवास, खुली जगहों, पर्यावरण संरक्षण और नई आर्थिक गतिविधियों को मुंबई के भविष्य से जोड़ा।
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कार्यक्रम के दौरान मुंबई के सर्वांगीण विकास का नया ब्लूप्रिंट प्रस्तुत करते हुए कहा कि 'मुंबई इन मिनट्स' की अवधारणा के तहत महानगर में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में यथासंभव 59 मिनट से अधिक समय नहीं लगना चाहिए।
ठाणे-बोरीवली दोहरी सुरंग से यात्रा समय घटने के साथ कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है, ऐसा कहते हुए उन्होंने मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को मुंबई की भविष्य की परिवहन व्यवस्था का आधार बताया उप मुख्यमंत्री शिंदे ने अटल सेतु, नवी मुंबई हवाई अड्डे, जेएनपीटी और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे के साथ नए विकास केंद्रों को जोड़कर मुंबई महानगर क्षेत्र का विस्तार करने की योजना की भी जानकारी दी।
उन्होंने अटल सेतु के आसपास 'तीसरी मुंबई' विकसित करने की प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि भविष्य का विकास केवल दक्षिण, पश्चिम या पूर्व मुंबई शहर तक सीमित नहीं। रहेगा। नई नीति के तहत सरकार परिवहन, आवास, व्यापार, माल ढुलाई और रोजगार केंद्रों को एकीकृत योजना के तहत विकसित करने पर जोर दे रही है।
मुंबई को वैश्विक वित्तीय प्रौद्योगिकी केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार बैंकिंग, सूचना प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप, स्वास्थ्य सेवा, मनोरंजन और विनिर्माण क्षेत्रों में रोजगार बढ़ाने पर जोर दे रही है। फिनटेक, ई-कॉमर्स, हेल्थटेक और डीपटेक जैसे क्षेत्रों में नए उद्यमों के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने की संभावना है।
एकनाथ शिंदे ने कहा, 'मेरा घर-मेरा अधिकार' की अवधारणा के तहत नए आवास नीति की बात करते हुए 2030 तक कम आय वर्ग और जरूरतमंद नागरिकों के लिए 35 लाख घर बनाने का लक्ष्य बताया गया। उन्होंने झोपड़पट्टी मुक्त मुंबई की दिशा में भी अभियान चलाने की जानकारी दी। इसका उद्देश्य शहर में रहने वाले कामगारों और अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास की उपलब्धता बढ़ाना है।
मुंबई में मौजूदा करीब 453 हेक्टेयर खुली जगहों में नए विकास योजना के तहत 479 हेक्टेयर और जोड़ने का लक्ष्य, इससे सार्वजनिक खुले क्षेत्रों का विस्तार होगा। कांदलवन (मैंग्रोब्ज) संरक्षण, गंदे पानी उपचार, बाढ़ नियंत्रण, हरित क्षेत्रों के संरक्षण और प्रदूषण कम करने वाली सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
शिंदे ने कहा कि आज बनने वाली परियोजनाओं की योजना अगले 20 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर होनी चाहिए। टैक्सी चालक, बेस्ट कर्मचारी, डबेवाला, दुकानदार, मजदूर, कार्यालय कर्मचारी और विद्यार्थी समेत आम मुंबईकर का समय, आवागमन और जीवन आसान होना विकास की वास्तविक कसौटी है। मुंबई और महानगर क्षेत्र को महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में उद्योग और रोजगार बढ़ाने से जोड़कर संतुलित विकास सरकार का लक्ष्य है।