Thane Pilgrims Missing Nepal China Border: नेपाल-चीन सीमा पर अचानक आई बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए महाराष्ट्र के ठाणे जिले के 10 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूट गया है। 26 अगस्त को तिमुरे चीनी आव्रजन चौकी के पास बाढ़ आने के बाद से इन तीर्थयात्रियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। परिजन लगातार उनकी सुरक्षित वापसी और किसी तरह की सूचना मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
बताया गया है कि बाढ़ के कारण इलाके की स्थानीय संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। संपर्क व्यवस्था ध्वस्त होने के चलते लापता तीर्थयात्रियों से परिजनों की बात नहीं हो पा रही है। बाढ़ में कई चौकियां भी बह गई हैं, जिससे राहत और तलाश अभियान में मुश्किलें सामने आ रही हैं। ठाणे जिले के डोंबिवली निवासी प्रकाश शांताराम माने और उनकी पत्नी प्रतिभा माने ही अब तक सुरक्षित घर लौट पाए हैं। बाकी तीर्थयात्रियों के परिजन उनकी जानकारी के लिए अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं।
लापता बताए जा रहे तीर्थयात्रियों में नौपाड़ा के समीर मुकुंद जोशी और अपर्णा समीर जोशी, डोंबिवली के सुनील सुदर्शन सुभेदार, कल्याण पश्चिम के संजय राजमल पाटिल और नलिनी संजय पाटिल शामिल हैं।
इसके अलावा ठाणे पश्चिम के रजनीश रघुनाथ नातू, नवी मुंबई के यशस भंड, कल्याण पश्चिम के अभिषेक धोने तथा सतीश विनायक पाटणकर और उनकी पत्नी रेखा पाटणकर भी लापता बताए गए हैं।
लापता तीर्थयात्रियों के परिजन बेहद चिंतित हैं। सतीश पाटणकर के भाई संजय पाटणकर ने कहा कि बाढ़ आने के समय से ही परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो पाया है। ठाणे जिला प्रशासन के अनुसार, लापता तीर्थयात्रियों का पता लगाने के लिए नेपाल में आपदा राहत दलों और यात्रा संचालकों के साथ समन्वय किया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से उनकी स्थिति के बारे में जानकारी जुटाने के प्रयास जारी हैं।
नेपाल के कई शहर और गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। ऐसे में लापता तीर्थयात्रियों के परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। परिजनों ने प्रशासन से तलाश अभियान तेज करने और जल्द से जल्द उनके बारे में जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।