एकनाथ शिंदे ने माजीवाड़ा जंक्शन पर मेट्रो पुल का लिया जायजा फोटो सोर्स-x
ठाणे

दरार का दावा या सिर्फ भ्रम? माझीवाड़ा मेट्रो ब्रिज का सच, ग्राउंड जीरो पर पहुंचे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे

Thane Metro Bridge: ठाणे मेट्रो के माजीवाड़ा जंक्शन ब्रिज में दरारों का दावा करने वाला वीडियो वायरल हुआ। निरीक्षण के बाद MMRDA इंजीनियरों ने पुल को अंदर से पूरी तरह मजबूत बताया।

अंकिता पटेल

Thane Metro Bridge Crack: ठाणे जिले में कासारवडवली मेट्रो रूट 4 व 4ए (ग्रीन लाइन) पर गायमुख से कैडबरी जंक्शन तक 10।5 किलोमीटर लंबे रूट पर नवंबर महीने से मेट्रो सेवा शुरू होने की संभावनाओं के बीच सोशल मीडिया पर एक वायरल वीडियो ने सनसनी फैला दी। जिसमें दावा किया गया कि मेट्रो पुल के पैनल में दरारें हैं।

सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद राज्य के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने माजीवाड़ा जंक्शन पर मेट्रो पुल का जायजा लिया। इस दौरान एमएमआरडीए के इंजीनियरों ने स्पष्ट किया कि पुल अंदर से पूरी तरह मजबूत है और घुमाव (कर्व) के कारण पैनल अलग दिख रहे हैं।

माजीवाड़ा जंक्शन पर मेट्रो ब्रिज के पैनल में दरारें दिखाने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसको लेकर लोग ब्रिज के कंस्ट्रक्शन स्थिति और सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे थे। जिसके बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शहर के माजीवाड़ा जंक्शन मेट्रो पुल का निरीक्षण किया।

उप मुख्यंत्री शिंदे ने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी के इंजीनियरों से ब्रिज पैनल के मौजूदा स्टेटस के बारे में जाना। संबंधित अधिकारियों ने ब्रिज के टेक्निकल पहलुओं के बारे में जानकारी दी।

ठाणे मेट्रो ब्रिज दरार

भय दूर करने दोबारा पैनल की जांच के निर्देश

उन्होंने अभियंताओं को निर्देश देते हुए कहा कि जनता का डर दूर करने के लिए पैनल की मजबूती की दोबारा जांच की जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें फिर से कसा जाये, यदि जरूरी हो, तो संबंधित पैनल को हटाकर ठीक से लगाया जाए, उप मुख्यमंत्री शिंदे ने सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट में कहा है कि ठाणे शहर के माजीवाड़ा जंक्शन पर मेट्रो ब्रिज के पैनल में दरारें दिखने के बारे में कुछ रील सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। जिसे संज्ञान में लेते हुए मैं इस ब्रिज की उस साइट पर आ कर एमएमआरडीए के इंजीनियरों की मदद से वस्तुस्थिति से अवगत हुआ हूं।

मेट्रो पैनल ढीले दिखे, इंजीनियरों ने मजबूती की जांच की

निरीक्षण के दौरान मेट्री रूट के घुमाव के साथ कुछ पैनल नीचे से देखने पर ढीले दिखते हैं, लेकिन इन पैनल्स को लगाने के दौरान, उन्हें बीम कास्टिंग और स्टिचिंग के जरिए एक-दूसरे से जोड़ा जाता है। क्योंकि ये पैनल कास्टिंग से बने है, इसलिए ये एक ही साइज़ के है। वे दूसरी जगहों पर एक जैसे दिखते हैं, लेकिन जहां मेट्रो मुड़ती है, वहां थोड़ा अंतर होता है, इसलिए वे ढीले लगते है।

ऐसा दिखने पर भी, इन इंजीनियरों ने मुझे बताया कि वे अंदर से मजबूत हैं, लेकिन, लोगों के मन में जो शक है, उसे दूर करने के लिए इस पैनल की मजबूती को एक बार फिर से चेक किया जाना चाहिए और अगर जरूरी हो, तो इसे हटाकर ठीक से लगाया जाना चाहिए। इस मौके पर इस मेट्रो लाइन पर काम कर रहे एमएमआरडीए के कार्यकारी अभियंता मौजूद थे।

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