

Shiv Sena UBT Skipping INDIA Alliance President Meeting: विपक्षी राजनीतिक गठबंधन INDIA के प्रतिनिधिमंडल द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने के कार्यक्रम से शिवसेना (यूबीटी) के दूरी बना लेने के बाद देश और महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं गर्म हो गई हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र भेजकर उद्धव ठाकरे गुट ने इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल न होने की वजह बताई है। वहीं, दूसरी तरफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस घटनाक्रम पर करारा तंज कसते हुए विपक्ष के इस गठबंधन के वजूद पर ही सवाल उठा दिए हैं।
शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत और अरविंद सावंत ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक औपचारिक चिट्ठी लिखकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने वाले INDIA अलायंस के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने में अपनी असमर्थता व्यक्त की है।
पत्र में पार्टी ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में होने वाले आगामी विधान परिषद चुनावों (Legislative Council Elections) को लेकर पार्टी नेता पहले से तय व्यस्त कार्यक्रमों में लगे हुए हैं, जिसके कारण वे इस बैठक में मौजूद नहीं रह पाएंगे। हालांकि, पत्र के माध्यम से उद्धव ठाकरे गुट ने यह भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में INDIA गठबंधन के अभियानों और मुद्दों को उनका पूरा समर्थन जारी रहेगा। इसके साथ ही, पार्टी की ओर से यह भी बात सामने आई कि उन्हें इस बैठक के लिए न्योता काफी देरी से प्राप्त हुआ था।
राष्ट्रपति से मुलाकात के कार्यक्रम में उद्धव गुट के अनुपस्थित रहने पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्षी गठबंधन पर ज़ोरदार हमला बोला है। फडणवीस ने सीधे तौर पर कहा कि वास्तविकता में 'INDIA' नाम का कोई ब्लॉक या गठबंधन अस्तित्व में है ही नहीं।
विपक्षी दलों की एकता पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि ये सभी विपक्षी पार्टियां सभी राज्यों में एक-दूसरे से झगड़ती हैं और एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ती हैं। उन्होंने आगे कटाक्ष करते हुए कहा कि ये दल केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डर से दिल्ली में एक साथ आने का नाटक करते हैं। फडणवीस के अनुसार, इन नेताओं के बीच आपसी कोई वास्तविक एकता या विचारधारात्मक तालमेल नहीं है; ये केवल डर के कारण एकजुट होकर यह विचार करने में लगे हैं कि मोदी जी को कैसे हटाया जाए।
महाराष्ट्र में विधान परिषद चुनावों की व्यस्तता और देरी से न्योता मिलने के तर्क के बीच, दिल्ली में राष्ट्रपति के साथ हुई इस उच्चस्तरीय बैठक से उद्धव गुट का दूर रहना राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर जहां विपक्षी दल एकजुटता का संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह बयान विपक्षी खेमे की अंदरूनी दरार और विरोधाभासों को सार्वजनिक रूप से उजागर कर रहा है।