Maharashtra Local Body Election: 15 जनवरी को होने वाले भिवंडी मनपा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 60 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। कांग्रेस द्वारा मनपा चुनाव में उतारे गए अधिकांश प्रत्याशी सपा विधायक रईस शेख के रहमोकरम पर मैदान में भाग्य आजमा रहे हैं।
सपा विधायक रईस शेख ने भिवंडी कांग्रेस पार्टी को हाईजैक करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। कांग्रेसी उम्मीदवार और सपा विधायक प्रत्याशी में कौन मारेगा बाजी, चाय, पान की दुकानों पर गहन राजनीतिक चर्चा का रूप ले चुकी है।
गौरतलब हो कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी को धता बताकर राष्ट्रवादी पार्टी मुखिया शरद पवार द्वारा सांसद सीट छीनने का इतिहास भिवंडी में फिर दोहराया जा रहा है। 15 जनवरी को होने वाले भिवंडी मनपा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 60 उम्मीदवारों को मौका देकर चुनाव रण संग्राम में उतारा है।
समूचे शहर में चर्चा फैली है कि सपा विधायक रईस शेख ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल सहित अन्य शीर्ष नेताओं की मंडली से सांठगांठ कर सपा से टिकट नहीं मिलने वाले इच्छुक प्रत्याशियों को कांग्रेस के टिकट की सौगात देकर मैदान में उतारकर शहर के तमाम पुराने कांग्रेसियों को चौंका दिया है।
कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रत्याशियों की जारी सूची में करीब 35 से 40 सपाइयों को कांग्रेस उम्मीदवारी की सौगात देकर सपा विधायक रईस शेख उनकी जीत की लाबिग क्षेत्र में करने में जुटे हुए है। कांग्रेस ने जिन प्रत्याशियों को टिकट थमाया है। उसकी लाबिग जिलाध्यक्ष एड रशीद ताहिर मोमिन करके जीत का मंत्र देने में जुटे हुए है।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सपा विधायक कांग्रेसी उम्मीदवारों को जिताने के लिए वोटरों को लामबंद कर रहे है। सपा विधायक रईस शेख ने 2017 में हुए महापौर चुनाव में पाला बदलकर कोणार्क विकास आघाड़ी प्रत्याशी का समर्थन करने की खातिर दल बदल कानून के तहत 6 वर्षों तक चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित 18 नगरसेवकों के परिजनों को भी टिकट जमाकर पुराने निष्ठावान कांग्रेस जनों को नाराज किया है।
भिवंडी से नवभारत लाइव से गुरुप्रसाद सिंह की रिपोर्ट