Tissue Paper Ganesha Idol Bhayander: भाईंदर पूर्व के नवघर रोड स्थित नवयुवक चौक पर नवयुवक मित्र मंडल द्वारा आयोजित भव्य गणेशोत्सव इस वर्ष 25वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। यहां विराजमान होने वाले गणपति बप्पा को श्रद्धालु प्रेम, श्रद्धा और विश्वास के साथ ‘ नवघर के राजा ’ के नाम से जानते हैं।
इस वर्ष मंडल ने भक्ति और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संगम प्रस्तुत करते हुए कागज से बनी 25 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित की है। पारंपारिक मराठमोली भगवी सजावट एक अलग आभा प्रकट कर रही है। प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
मंडल के संस्थापक हेमंत सावंत ने बताया कि पिछले 6 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमा स्थापित की जा रही है। प्रसिद्ध मूर्तिकार राजेश मयेकर द्वारा इस वर्ष तैयार की गई प्रतिमा टिश्यू पेपर और खड़ू (चौक) पाउडर से बनाई गई है। करीब 250 किलो वजनी यह प्रतिमा विसर्जन के दौरान लगभग 30 मिनट में पानी में घुल जाएगी। मंडल का मानना है कि भगवान गणेश विघ्नहर्ता होने के साथ-साथ प्रकृति और समस्त जीव-जगत के संरक्षक भी हैं, इसलिए बप्पा की आराधना तभी सार्थक होगी, जब उनके विसर्जन से प्रकृति को किसी प्रकार की हानि न पहुंचे।
मंडल के अध्यक्ष हर्षल सावंत ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान स्वास्थ्य एवं रक्तदान शिविर, महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम, श्री गणेश महाभंडारा तथा 10वीं-12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों का सम्मान जैसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इन आयोजनों का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और सद्भाव की भावना को मजबूत करना भी है। इस वर्ष 21 सितंबर सोमवार को महिलाओं के लिए खेल मांडिएला विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। आकर्षक पुरस्कार के रूप में सोने की नथ और पैठणी रखी गई है। सचिव सुनील जंगले, कोषाध्यक्ष पवन शर्मा, उपाध्यक्ष सतीश सिंह सहित मंडल के सभी कार्यकर्ता आयोजन में योगदान दे रहे हैं।
हेमंत सावंत ने कहा कि लोकमान्य तिलक द्वारा शुरू किए गए गणेशोत्सव की सामाजिक एकता और जनजागृति की भावना आज भी प्रासंगिक है। गणपति उत्सव लोगों को जाति, भाषा और वर्ग से ऊपर उठकर एक साथ आने तथा समाजहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है। आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़कर मनाया जाने वाला गणेशोत्सव समाज को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने नागरिकों और अन्य गणेश मंडलों से भी इको-फ्रेंडली तरीके से उत्सव मनाने का आह्वान किया।
अध्यक्ष हर्षल सावंत ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान होने वाले जल प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से मंडल ने पर्यावरण पूरक गणेशोत्सव की संकल्पना को अपनाया है। उन्होंने कहा कि बप्पा के प्रति सच्ची श्रद्धा केवल पूजा और आरती तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उनके बताए मार्ग पर चलते हुए प्रकृति की रक्षा और समाज की सेवा करना भी हमारा कर्तव्य है। उन्होंने अन्य मंडलों से भी पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।