

Maharashtra Environment Awareness Campaign: महाराष्ट्र समेत दुनियाभर में सोमवार से गणेशोत्सव की शुरुआत होने जा रही है। गणपति बप्पा के स्वागत के लिए श्रद्धालु जोर-शोर से तैयारियों में जुटे हैं।
इसी बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नवी मुंबई के वाशी में राज्यस्तरीय पर्यावरणपूरक महागणेश मूर्ति कार्यशाला का शुभारंभ किया।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य गणेशोत्सव के दौरान पर्यावरणपूरक मूर्तियों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना और नागरिकों में पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।
कार्यशाला के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुद गणपति बप्पा की मूर्ति बनाकर इस अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। उनके इस कदम को पर्यावरणपूरक गणेशोत्सव के प्रति लोगों को प्रेरित करने वाली पहल के तौर पर देखा जा रहा है।
गणेशोत्सव के दौरान प्लास्टर ऑफ पेरिस (POP) से बनी मूर्तियों और रासायनिक रंगों के इस्तेमाल से जल प्रदूषण की चिंता बनी रहती है।
पर्यावरणपूरक मूर्तियों को बढ़ावा देने का उद्देश्य विसर्जन के बाद जलस्रोतों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को कम करना है। इसके साथ ही नागरिकों को प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के परीक्षकों द्वारा परिणाम घोषित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सफलता के असली नायक इसमें शामिल विद्यार्थी है और उन्होंने उनकी सराहना की। साथ ही, पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे, पर्यावरण विभाग, जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट और कला निदेशालय के प्रयासों की विशेष प्रशंसा की,
पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने विद्यार्थियों को मनःपूर्वक बधाई देते हुए कहा कि शाडू की मिट्टी से बप्पा गढ़ने वाले इन हजारों विद्यार्थियों ने खुद को वसुंधरा रक्षक' के रूप में साबित किया है, संस्कृति को बचाते हुए पर्यावरण की रक्षा का यह संदेश घर-घर तक पहुंचाना ही इस उपक्रम का मूल उद्देश्य है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि गणराया बुद्धि के देवता है और हमारी संस्कृति में पर्यावरण का अनन्यसाधारण महत्व है। सृष्टि का निर्माण करने वाले पंचमहाभूतों की रक्षा होगी, तभी मानव जीवन सुरक्षित रह सकता है।
बड़ी गणेश मूर्तियों, प्लास्टर ऑफ पेरिस और कृत्रिम रंगों से जल स्रोतों को होने वाले नुकसान से बचने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मूर्ति छोटी हो या बड़ी, भक्ति एक जैसी होती है। ईश्वर का आशीर्वाद मूर्ति के आकार पर नहीं, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि हम पर्यावरण और समाज की कितनी निस्वार्थ सेवा करते हैं।
फडणवीस ने कहा, ईश्वर का आशीर्वाद मूर्ति के आकार पर नहीं, बल्कि प्रकृति की निस्वार्थ सेवा पर निर्भर करता है। समारोह में पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे, वन मंत्री गणेश नाईक, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष सिद्धेश कदम, विधायक मंदा म्हात्रे, विधायक रविंद्र फाटक, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की सचिव जयश्री भोज, नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटिल, नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त कैलास शिंदे, ठाणे के जिलाधिकारी डॉ। श्रीकृष्ण पांचाल और कला निदेशालय के निदेशक डॉ। नितिन इंगले सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।