Badlapur MIDC Chemical Waste Ulhas River Pollution: बदलापुर एमआईडीसी में रासायनिक कंपनियों से निकलने वाला दूषित जल बिना किसी प्रक्रिया के नालों में बहाया जा रहा है।
यह प्रदूषित झागदार जल नाले के माध्यम से सीधे उल्हास नदी में जा रहा है। जिससे लाखों नागरिकों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है। शनिवार कि सुबह एमआईडीसी क्षेत्र से बहने वाले नालों में बड़े पैमाने पर झाग देखा गया। इसके चलते Ulhas River Pollution अत्यधिक बढ़ गया है। कंपनियां खुलेआम रासायनिक अपशिष्ट जल बहा रही हैं।
वहीं, बदलापुर नगर पालिका का स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य समिति के सभापति और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संबंधित अधिकारी इस गंभीर समस्या को लेकर उदासीन है। जल प्रदूषण फैलाने वाली इन कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
यह मुद्दा काफी गंभीर है, इस समस्या के स्थायी निदान के लिए गुडी पाड़वा के दिन विधायक किसन कचोरे की विशेष मौजूदगी में एमआईडीसी स्थित कंपनी के मालिकों तथा एमपीसीबी के अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई थी। जिसमें उन्हें ऐसा न करने की सख्त हिदायत दी गई है। वैसे इस पर नियंत्रण की जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) की है। मैने नपा के माध्यम से महकमे को लिखित पत्र दिया है। औद्योगिक क्षेत्र में ही 5 एमएलडी क्षमता का ट्रीटमेंट प्लांट का काम अंतिम चरण में है। ट्रीटमेंट प्लान को जल्द से जल्द कार्यान्वित करने की हिदायत भी कंपनी प्रबंधनों को दी गई है। - किरण भोईर, सभापति, आरोग्य विभाग, कुलगांव-बदलापुर नगरपालिका
इसलिए ये रासायनिक कंपनियां बिना किसी रोक-टोक के अपना काम कर रही है। गंभीर बात यह है कि ठाणे जिले के कई शहरों को इसी प्रदूषित उल्हास नदी से पानी की आपूर्ति होती है। ऐसे में उल्हास नदी जो एक जलमार्ग है, इस अपशिष्ट जल से प्रदूषित हो रही है। इसलिए यहां गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।