नितेश राणे (सोर्स: सोशल मीडिया) 
सिंधुदुर्ग

‘BJP को हराने की ताकत नहीं’, काेंकण में महायुति की जीत के बाद आक्रामक हुए नितेश राणे, उद्धव ठाकरे पर बोला हमला

Maharashtra ZP Election Results: महाराष्ट्र के 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के नतीजों में महायुति ने परचम लहराया है। सिंधुदुर्ग में बड़ी जीत के बाद नितेश राणे ने विरोधियों पर निशाना साधा है।

आकाश मसने

Nitesh Rane Statement: महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम रहा, क्योंकि राज्य के 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनावी नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इन परिणामों में सत्तारूढ़ महायुति (भाजपा, शिवसेना-शिंदे और राकांपा-अजित पवार) ने बड़ी सफलता प्राप्त की है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी राज्य के सबसे बड़े राजनीतिक दल के रूप में उभरकर सामने आई है। विशेष रूप से कोंकण क्षेत्र में भाजपा ने अपना दबदबा कायम रखा है, जहाँ सिंधुदुर्ग जिले में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है।

सिंधुदुर्ग में नितेश राणे का दबदबा

सिंधुदुर्ग में भाजपा की इस बड़ी जीत का नेतृत्व मंत्री नितेश राणे ने किया। परिणामों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए नितेश राणे ने कहा कि सिंधुदुर्ग के नागरिकों ने उपमुख्यमंत्री देेंद्र फडणवीस के नेतृत्व पर अटूट विश्वास जताया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व के मार्गदर्शन में हमने बेहतरीन प्रदर्शन किया है और अब हम सत्ता के माध्यम से जिले के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जीत के क्या बोले नितेश राणे?

जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव में जीत के बाद नितेश राणे अपने आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने शिवसेना (UBT) और महाविकास अघाड़ी (MVA) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सिंधुदुर्ग जिले में भाजपा को हराने की ताकत उबाठा या मविआ में नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में जो पांच निर्दलीय उम्मीदवार जीतकर आए हैं, उन्हें 'भाजपा के बागी' कहा जा सकता है, लेकिन विपक्ष कहीं भी मुकाबले में नहीं था। राणे के अनुसार, महायुति ने एकजुट होकर यह चुनाव लड़ा और जनता ने उनके काम पर मुहर लगाई है।

119 कर्मचारियों पर केस दर्ज

चुनाव परिणामों के बीच प्रशासनिक सख्ती की खबरें भी सुर्खियों में रहीं। चुनाव ड्यूटी से नदारद रहने वाले 119 कर्मचारियों के खिलाफ छत्रपति संभाजीनगर के गंगापुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। इन कर्मचारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के मतदान प्रक्रिया के दौरान ड्यूटी से छुट्टी मार ली थी, जिससे व्यवस्था में बाधा आई। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 134 के तहत इन पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

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