Pune Traffic Challan Halt: पुणे शहर में लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों को देखते हुए पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने ट्रैफिक पुलिस की चालान कार्रवाई पर अस्थायी रूप से ब्रेक लगा दिया है। अब ट्रैफिक पुलिसकर्मियों का मुख्य काम वाहन चालकों पर जुर्माना लगाने के बजाय सड़कों पर उतरकर यातायात को सुचारू करना होगा।
इसके लिए ट्रैफिक शाखा के अधिकांश कर्मचारियों से ई-चालान मशीनें वापस लेकर उन्हें मुख्यालय में जमा कराया जाएगा। यह व्यवस्था 31 अगस्त तक लागू रहेगी। इस अवधि को एक तरह से 'एनफोर्समेंट हॉलिडे' माना जा रहा है।
पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण शहर के प्रमुख रास्तों और चौराहों पर ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गई है। जाम के कारण वाहन चालकों को परेशानी के साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ा है। ऐसे में पुलिस आयुक्त ने ट्रैफिक पुलिस को दंडात्मक कार्रवाई से ज्यादा ट्रैफिक मैनेजमेंट पर ध्यान देने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि कर्मचारी केवल चालान कार्रवाई में “ व्यस्त न रहें, बल्कि सड़क पर मौजूद रहकर यातायात को नियंत्रित करें। ई-चालान मशीनें जमा कराने के बावजूद गंभीर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई पूरी तरह बंद नहीं होगी। पुलिस उपनिरीक्षक और उससे वरिष्ठ अधिकारी भारी वाहनों की कार्रवाई, नो एंट्री और अन्य गंभीर यातायात उल्लंघनों पर ई-चालान कर सकेंगे। वहीं ड्रंक एंड ड्राइव, ट्रिपल सीट, रॉन्ग साइड और सिग्नल जंपिंग के खिलाफ भी कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई शुरू करने से पहले अपर पुलिस आयुक्त की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही एक ही कर्मचारी को बार-बार ड्रंक एंड ड्राइव की कार्रवाई में तैनात नहीं किया जाएगा।
ट्रैफिक शाखा में शामिल हुए करीब 200 नए पुलिस कर्मचारियों को यातायात नियमों और ट्रैफिक मैनेजमेंट का प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी ट्रैफिक पुलिस उपायुक्त को सौंपी गई है।
इसके अलावा प्रतिबंधित समय में भारी वाहनों के शहर में प्रवेश को रोकने के लिए उन्हें शहर की सीमा पर ही रोकने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस आयुक्त के इस आदेश से अगले कुछ दिनों में ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली में बदलाव दिखाई देने की संभावना है।
चालान की संख्या बढ़ाने के बजाय सड़क पर मौजूदगी बढ़ाकर जाम कम करने और दुर्घटनाओं को रोकने पर पुलिस का फोकस रहेगा।
पुलिस आयुक्त ने पुणे शहर में ट्रैफिक जाम और सड़क हादसों के 'हॉटस्पॉट' चिन्हित करने के निर्देश दिए है। इन स्थानों पर सिग्नल की टाइमिंग का अध्ययन कर आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। सिग्नल सिंक्रोनाइजेशन, कॉर्नर पार्किंग, चौराहों पर खड़ी रहने वाली रिक्शाओं और जाम वाले स्थानों पर वाहनों के अनावश्यक रुकने पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक सुधार की अलग योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।