पुणे ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट, प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पुणे में 38 ब्लैक स्पॉट पर 8 महीनों में 185 मौतें, एक्शन में पुलिस; नियम तोड़ने वालों पर चलेगा सख्त अभियान

Pune Accident News: पुणे के 38 ब्लैक स्पॉट पर 8 महीनों में 185 मौतों के बाद पुलिस हरकत में आई है। CP अमितेश कुमार ने सड़क सुरक्षा सुधारने और ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

रूपम सिंह

Pune Traffic Black Spots 185 Deaths Eight Months: पुणे की सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ने के साथ अब हादसों का खतरा भी गंभीर रूप ले रहा है। शहर के 14 ट्रैफिक विभागों में चिन्हित 38 ब्लैक स्पॉट पर महज आठ महीनों में 185 लोगों की मौत होने का आंकड़ा सामने आया है। इनमें वाघोली, लोणी कालभोर और हडपसर जैसे हाईवे से जुड़े इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा अधिक है।

लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए पुणे पुलिस ने इन ब्लैक स्पॉट पर विशेष निगरानी और सुरक्षा उपाय लागू करने का फैसला किया है। अधिकारियों के अनुसार पुणे पुलिस ने पूरे शहर का सर्वेक्षण किया और लगातार दुर्घटनाओं वाले स्थानों की जानकारी जुटाई। इस दौरान 14 ट्रैफिक विभाग ऐसे सामने आए।

सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही अधिक

जहां हादसों का प्रमाण अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक है। इन विभागों के अंतर्गत कुल 38 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनमें आंबेगांव, बिबवेवाड़ी, नहें, बाणेर, लक्ष्मीनगर, वानवड़ी, मुंढवा, हडपसर, मांजरी, लोणी कालभोर, फुरसुंगी, लोणीकंद, वाघोली और खराड़ी शामिल हैं। इन क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों, चौकों, खतरनाक मोड़ों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हादसों का खतरा अधिक पाया गया है। वाघोली, लोणी कालभोर और हडपसर जैसे क्षेत्र हाईवे से जुड़े होने के कारण यहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक है।

इसी वजह से इन क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की संख्या भी लगातार चिंता का विषय बनी हुई है। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने 14 ट्रैफिक विभागों के प्रमुखों की विशेष बैठक लेकर दुर्घटना संभावित स्थानों की समीक्षा की। उन्होंने इन स्थानों पर यातायात व्यवस्था अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।

सड़क सुरक्षा के होंगे उपाय

ब्लैक स्पॉट पर पुलिस की विशेष निगरानी, यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल दंडात्मक कार्रवाई तक सीमित न रहते हुए संबंधित विभागों के साथ मिलकर सड़क सुरक्षा के स्थायी उपाय किए जाएंगे।

इसके लिए पुणे महानगरपालिका के साथ समन्वय कर सड़क की सरचना, प्रकाश व्यवस्था, सिग्नल प्रणाली और आवश्यक यातायात उपायों की समीक्षा की जाएगी, जरूरत के अनुसार ब्लैक स्पॉट में सुधार के लिए प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे।

तेज रफ्तार व गलत ओवरटेक बन रहे हादसों की बड़ी वजह

पुलिस के अनुसार तेज गति से वाहन चलाना, सिग्नल तोड़ना, गलत तरीके से ओवरटेक करना, सड़क पर मौजूद अड़चनें और प्रभावी यातायात नियंत्रण का अभाव हादसों के प्रमुख कारण हैं। इन कारणों पर नियंत्रण के लिए संबंधित विभागों की मदद से व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की जाएगी। शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ आने वाले दिनों में कार्रवाई तेज की जाएगी।

विशेष रूप से ट्रिपल सीट वाहन चलाने वालों और फैंसी नंबर प्लेट लगाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की तैयारी है। पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि यह अभियान 14 दुर्घटना प्रभावित ट्रैफिक विभागों में विशेष रूप से चलाया जाएगा।

वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोने की कीमत में मजबूती, केंद्रीय बैंक और एशियाई मांग बढ़ी, NDB रिपोर्ट में दावा

साड़ी पहन AK-47 से फायरिंग करती दिखीं IPS अंकिता शर्मा, दशहरे पर VIDEO वायरल

IMD Alert: बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर बनने के आसार, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

अंग्रेजों के उड़े होश जब नेताजी ने बनाई अपनी सरकार, जानिए 1943 का वो प्लान, जिसने बदला देश का इतिहास

जिस जनसंघ की कोख से निकली आज की BJP, उसका महाराष्ट्र और RSS से क्या था असली कनेक्शन?