ग्रामीण इलाकों में टैंकर उपलब्ध कराने का आग्रह।
बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष सहायता का सुझाव।
सीएसआर और सहकारी निधि से मदद की अपील।
शरद पवार ने भी सरकार को सुझाव भेजे हैं।
Maharashtra Drought Relief Farmers: बारिश की कमी के कारण महाराष्ट्र में सूखे जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में किसानों और पशुपालकों को राहत देने के लिए सहकारी संस्थाएं आगे आएं। पशुओं के लिए चारा डिपो, चारा शिविर और पेयजल की व्यवस्था करें। यह अपील सांसद सुप्रिया सुले ने की है। इस संबंध में उन्होंने पुणे जिले की प्रमुख सहकारी संस्थाओं को पत्र लिखकर मदद का आग्रह किया है।
सुप्रिया सुले ने पुणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक, पुणे जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ (कात्रज), बारामती के मालेगांव सहकारी चीनी मिल, श्री सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल, इंदापुर के श्री छत्रपति सहकारी चीनी मिल और बारामती तालुका सहकारी दूध उत्पादक संघ को पत्र भेजे हैं।
पत्र में उन्होंने कहा कि कम बारिश के कारण राज्य में पेयजल की किल्लत के साथ ही पशुओं के चारे का संकट भी गहराता जा रहा है। अगले आठ से दस महीनों तक इस स्थिति से निपटने और किसानों तथा ग्रामीणों को राहत देने की बड़ी चुनौती है। क्षेत्र के विकास में सहकारी संस्थाओं का हमेशा महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे संकट के समय भी वे किसानों की मदद के लिए आगे आएंगी, ऐसा उन्हें विश्वास है।
सुले ने बताया कि वरिष्ठ नेता शरद पवार ने सूखे की स्थिति का जायजा लेकर राज्य सरकार को विभिन्न मांगों और सुझावों के साथ पत्र दिया है। इन मांगों पर अमल के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सहकारी संस्थाओं से अपने कार्यक्षेत्र में पशुओं के लिए चारा डिपो और चारा शिविर शुरू करने तथा उनके पीने के पानी की व्यवस्था करने की अपील की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट दूर करने के लिए टैंकरों की व्यवस्था और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया है। इसके अलावा सूखा प्रभावित किसान परिवारों और उनके बच्चों की शिक्षा के लिए सीएसआर अथवा सहकारी निधि के माध्यम से विशेष सहायता योजनाएं चलाने का सुझाव दिया है।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट