Purandar Airport Project Land Acquisition Update: पुणे और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों का लंबे समय से चला आ रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। महाराष्ट्र की बहुप्रतीक्षित छत्रपति संभाजी राजे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (पुरंदर) परियोजना को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और सकारात्मक खबर सामने आई है। प्रोजेक्ट के सबसे चुनौतीपूर्ण चरण यानी भूमि अधिग्रहण में शासन को बड़ी सफलता मिली है।
ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, पुरंदर एयरपोर्ट परियोजना के लिए आवश्यक कुल 2,766 एकड़ जमीन में से लगभग 91 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा हाे चुका है। राज्य सरकार ने पुष्टि की है कि क्षेत्र के 91 प्रतिशत भू-स्वामियों ने परियोजना के लिए स्वेच्छा से अपनी सहमति दे दी है। इसके साथ ही, लगभग 50 प्रतिशत भूमि मालिकों को उनके मुआवजे की राशि का भुगतान भी किया जा चुका है।
सूत्रों के अनुसार, शेष मुआवजे का वितरण अगस्त तक पूरा होने की संभावना है। कुछ भूमि मालिक कानूनी और प्रशासनिक कारणों से अभी भूमि हस्तांतरित नहीं कर पाए हैं, लेकिन उनके भी सहमत होने की उम्मीद जताई जा रही है। भूमि अधिग्रहण 90 प्रतिशत से अधिक होने के कारण परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी आने की संभावना है और सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में निर्माण कार्य के लिए टेंडर जारी किए जा सकते हैं।
इस ड्रीम प्रोजेक्ट की विशेषताएं इसे देश के चुनिंदा आधुनिक हवाई अड्डों की सूची में खड़ा करती हैं। पुरंदर एयरपोर्ट पुणे शहर से लगभग 20-25 किमी दक्षिण-पूर्व में पुरंदर तालुका में स्थित होगा। इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से पुणे में न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि पूरे पश्चिमी महाराष्ट्र के आर्थिक विकास को एक नई उड़ान मिलेगी।
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पुणे के पुरंदर में प्रस्तावित छत्रपति संभाजी राजे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की कुल अनुमानित लागत 17,000 करोड़ रुपए है। महाराष्ट्र सरकार ने इसके भूसंपादन के लिए 6,000 करोड़ के विशेष कर्ज को मंजूरी दी है, जिसमें से किसानों को 1 से 2 करोड़ रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा बांटा जा रहा है।
पुरंदर में छत्रपति संभाजी राजे इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक खास स्पेशल पर्पस व्हीकल (SPV) बनाया है, जिसे पुरंदर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (PIAL) के नाम से जाना जाता है। इसमें CIDCO की 51% हिस्सेदारी, MADC की 19%, MIDC की 15% और PMRDA 15% हिस्सेदारी की मदद से राज्य-समर्थित फंडिंग का इंतजाम शामिल है।