किसानों के लिए बड़ी खबर: नकली बीज-खाद की शिकायत पर 7 दिन में एक्शन, महाराष्ट्र सरकार ने बदला नियम

Seeds And Fertilizers Complaint New Rules: महाराष्ट्र सरकार ने बीज और खाद की शिकायतों के निपटारे के लिए तालुका स्तर पर नई समितियों का गठन किया है, जो 7 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपेंगी।
Seeds And Fertilizers Complaint New Rules
महाराष्ट्र में नकली बीज-खाद की शिकायत पर 7 दिन में एक्शन (डिजाइन फोटो)
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Where To Complain About Spurious Seeds: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को राहत देने वाला फैसला लिया है। राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने घोषणा की है कि सरकार किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज, खाद और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब अगर किसी किसान को बीज के अंकुरण या खाद-कीटनाशक की गुणवत्ता को लेकर कोई शिकायत होती है, तो उसका निवारण बेहद तेज और पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

7 दिनों के भीतर मौके पर होगी जांच

कृषि दत्तात्रय मंत्री भरणे ने बताया कि किसानों की शिकायतें मिलने के बाद कृषि विभाग की टीम अगले 7 दिनों के भीतर सीधे किसान के खेत पर जाएगी। वहां प्रत्यक्ष रूप से फसलों और इनपुट्स का निरीक्षण किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा के भीतर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

तहसील स्तर पर समितियों का पुनर्गठन

किसानों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए महाराष्ट्र सरकार ने तहसील स्तरीय शिकायत निवारण समितियों की रचना में बड़ा बदलाव किया है। इस नई समिति की अध्यक्षता तालुका कृषि अधिकारी करेंगे।

तकनीकी रूप से निष्पक्ष और सटीक जांच सुनिश्चित करने के लिए इस समिति में कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि अनुसंधान केंद्रों या कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) और महाबीज के प्रतिनिधियों के साथ-साथ संबंधित कृषि अधिकारी शामिल होते हैं। मंत्री ने कहा कि इस संरचना से तकनीकी रूप से सक्षम और निष्पक्ष जांच में मदद मिलेगी, जिससे किसानों को न्याय दिलाने में आसानी होगी।

पंचनामा जरूरी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

महाराष्ट्र के कृषि दत्तात्रय मंत्री भरणे ने आगे कहा कि शिकायत दर्ज होने के बाद जांच के दौरान संबंधित कंपनियों और विक्रेताओं के प्रतिनिधियों का मौजूद रहना अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों के पास मौजूद खरीद रसीदों की जांच की जाएगी और निर्धारित प्रारूप में एक औपचारिक जांच रिकॉर्ड (पंचनामा) तैयार किया जाएगा।

इसके अलावा, संबंधित बीज लॉट के नमूने जांच के लिए अधिसूचित प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। इस प्रक्रिया से शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो सकेगी और नियमों के अनुसार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी होगी।

शिकायतें बढ़ने पर बनेगी अतिरिक्त कमेटी

यदि किसी तालुका में शिकायतों की संख्या 100 से अधिक हो जाती है, तो अतिरिक्त शिकायत निवारण समितियां बनाने का प्रावधान किया गया है और जिला अधीक्षक कृषि अधिकारियों को ऐसी समितियां तुरंत गठित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

कृषि विभाग किसानों को अच्छी क्वालिटी के कृषि इनपुट की उपलब्धता सुनिश्चित करने, नियमों का पालन न करने वाले निर्माताओं या विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और हर शिकायत का समय पर समाधान सुनिश्चित करने के लिए विशेष सतर्कता बरतेगा। कृषि विभाग ने इस मामले में एक सरकारी आदेश जारी किया है।

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