पुणे जिला परिषद पुराने भवन में ‘सावित्री हाट’ विकसित करेगी।
परियोजना के लिए 62,12,679 रुपये की निधि मंजूर हुई है।
महिला बचत गटों को उत्पादों की बिक्री के लिए स्थायी जगह मिलेगी।
महिलाएं बिचौलियों के बिना सीधे ग्राहकों को उत्पाद बेच सकेंगी।
Pune Zilla Parishad Savitri Haat Project: पुणे, महिला बचत गटों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को अब बाजार उपलब्ध कराने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पुणे जिला परिषद की ओर से बचत गटों की महिलाओं के लिए पुराने भवन के दर्शनी हिस्से में ‘सावित्री हाट’ नाम से स्वतंत्र बिक्री केंद्र विकसित किया जाएगा।
इस केंद्र के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की सीधे ग्राहकों को बिक्री कर सकेंगी। इससे उनके उत्पादों को स्थायी बाजारपेठ मिलने के साथ ही महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
महिला बचत गटों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए जिला परिषद की ओर से विभिन्न योजनाएं और उपक्रम चलाए जा रहे हैं। इन बचत गटों से जुड़ी महिलाएं खाद्य पदार्थ, हस्तकला की वस्तुएं, विभिन्न प्रकार के प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद और घरेलू उपयोग की सामग्री तैयार करती हैं।
इन उत्पादों की गुणवत्ता भी अच्छी होती है और इन्हें ग्राहकों की ओर से पसंद किया जाता है। हालांकि, उत्पाद तैयार करने का कौशल और क्षमता होने के बावजूद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती बिक्री के लिए स्थायी बाजार उपलब्ध नहीं होने की है।
वर्तमान में कई महिला बचत गटों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए प्रदर्शनियों, मेलों और अन्य अस्थायी माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ता है। ऐसे आयोजनों के समाप्त होने के बाद बिक्री का नियमित माध्यम उपलब्ध नहीं रहता।
इसके चलते महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए ग्राहक तलाशने में परेशानी होती है। कई बार बाजार तक पहुंच नहीं होने के कारण अच्छे उत्पाद भी सीमित दायरे में रह जाते हैं। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए जिला परिषद ने ‘सावित्री हाट’ शुरू करने का निर्णय लिया है।
इस परियोजना को सर्वसाधारण जिला वार्षिक योजना 2026-27 के तहत प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की गई है। इसके लिए 62 लाख 12 हजार 679 रुपये की निधि स्वीकृत की गई है। जिला परिषद के पुराने भवन के दर्शनी हिस्से में इस बिक्री केंद्र का निर्माण किया जाएगा। यहां महिला बचत गटों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने और उनकी बिक्री करने के लिए जगह उपलब्ध कराई जाएगी।
‘सावित्री हाट’ की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह होगी कि महिला बचत गटों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। महिलाएं सीधे ग्राहकों से संपर्क कर सकेंगी और अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी।
इससे उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय का अधिक लाभ सीधे संबंधित महिलाओं और बचत गटों को मिल सकेगा। साथ ही, ग्राहकों को भी स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेंगे।
इस केंद्र के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार की मांग के अनुसार उनमें सुधार करने का अवसर भी मिलेगा। नियमित बिक्री केंद्र उपलब्ध होने से बचत गटों के कामकाज को विस्तार देने और नए व्यावसायिक अवसर विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पुणे जिला परिषद के अध्यक्ष वीरधवल जगदाळे और मुख्य कार्यकारी अधिकारी गजानन पाटील ने कहा कि महिला बचत गटों की महिलाओं को केवल प्रशिक्षण और उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
‘सावित्री हाट’ के माध्यम से महिलाओं को स्थायी बाजारपेठ उपलब्ध कराने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंद्रकांत वाघमारे और परियोजना संचालक संतोष हराळे उपस्थित थे।
नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट