

Gondia District Planning Committee: गोंदिया जिले में विभिन्न विभागों की कार्यान्वयन यंत्रणाओं को जिला नियोजन समिति के माध्यम से विकास कार्यों के लिए निधि वितरित की जाती है। जिले के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए जनहित के कार्यों को गति दें।
यह निर्देश महाराष्ट्र सरकार के उद्योग राज्यमंत्री व गोंदिया जिले के पालकमंत्री इंद्रनील नाईक ने जिला नियोजन भवन में आयोजित जिला नियोजन समिति की बैठक में अधिकारियों को दिए। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए जिले के विकास कार्यों के लिए 438 करोड़ रु. के वार्षिक जिला नियोजन प्रावधान को मंजूरी दी गई।
पालकमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि उपलब्ध निधि का समयबद्ध व पारदर्शी ढंग से उपयोग करते हुए विकास योजनाओं को गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए, ताकि आम नागरिकों को उनका प्रत्यक्ष लाभ मिल सके। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा जिले के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लोकहित की योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सांसद राजेंद्र जैन, विधायक परिणय फुके, अविनाश ब्राम्हणकर, सुधाकर अडबाले, अभिजीत वंजारी, राजकुमार बडोले, विनोद अग्रवाल, विजय रहांगडाले व संजय पुराम, जिप अध्यक्ष लायकराम भेंडारकर, जिलाधिकारी मंदार पत्की, जिप सीईओ झेनिथ दोंतुला, उपवनसंरक्षक पवनकुमार जोंग, जिला पुलिस अधीक्षक गोरख भामरे, उपायुक्त (नियोजन) अनिल गोतमारे, जिला नियोजन अधिकारी डॉ. रुपेशकुमार राऊत व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
जिला वार्षिक योजना (सामान्य), अनुसूचित जाति उपयोजना तथा आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत समस्त निधि का 100 प्रश व्यय पूर्ण होने की संतोषजनक जानकारी समीक्षा बैठक में सामने आई। इससे एक बार फिर जिला प्रशासन की प्रभावी योजना निर्माण व वित्तीय प्रबंधन क्षमता का परिचय मिला है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के अंतर्गत 298.00 करोड़ रु. का प्रावधान किया गया था, जिसका मार्च 2026 के अंत तक शत-प्रश उपयोग कर लिया गया। इसी प्रकार अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत 46.00 करोड़ रु. तथा आदिवासी उपयोजना (टीएसपी व ओटीएसपी) के अंतर्गत 62.80 करोड़ रु. की राशि का भी 100 प्रश व्यय सुनिश्चित किया गया।
इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 की विभिन्न योजनाओं की जुलाई 2026 तक की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला वार्षिक योजना (सामान्य) के तहत 324.00 करोड़ रु. की अधिकतम वित्तीय सीमा निर्धारित की गई है। इसमें से 260.82 करोड़ रु. राजस्व मद तथा 63.17 करोड़ रु. पूंजीगत व्यय के लिए आरक्षित किए गए हैं। अब तक 1.34 करोड़ रु. की राशि खर्च की जा चुकी है।
अनुसुचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) के लिए वर्ष 2026-27 में 45.00 करोड़ रु. की वित्तीय सीमा निर्धारित की गई है, जिसमें से अब तक 26.10 लाख रु. का निधि वित्तरण किया गया है। संचालन जिला नियोजन अधिकारी डॉ. रूपेशकुमार राऊत ने किया।