पुणे में कालवा सलाहकार समिति की बैठक में जल नियोजन की समीक्षा हुई।
मनपा को 13 टीएमसी पानी उपलब्ध कराने की योजना बनाने को कहा गया।
खेती और पशुधन के लिए भी पानी का उचित नियोजन करने के निर्देश।
राधाकृष्ण विखे पाटील ने पुराने जल प्रबंधन मॉडल पर विचार का भरोसा दिया।
Sunetra Pawar On Water Management: सूखे जैसी स्थिति के मद्देनजर पुणे जिले में संभावित जलसंकट से निपटने के लिए प्रशासन अभी से आवश्यक उपाय करे। नागरिकों को पीने के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
साथ ही खेती और पशुधन के लिए भी पानी का उचित नियोजन किया जाए। ये निर्देश उपमुख्यमंत्री एवं पुणे की पालकमंत्री सुनेत्रावहिनी अजितदादा पवार ने दिए।
पुणे जिले के विभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित कालवा सलाहकार समिति की बैठक में जिले में उपलब्ध जल भंडार, संभावित जलसंकट और आगामी अवधि की जलापूर्ति योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बांधों में उपलब्ध पानी का उपयोग सावधानीपूर्वक और नियोजन के साथ किया जाए, ताकि भविष्य में पानी की कमी की स्थिति से बचा जा सके।
पेयजल की जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए समय रहते आवश्यक उपाय करने पर जोर दिया गया। साथ ही, जलसंपदा और संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखकर जल प्रबंधन को प्रभावी बनाने की आवश्यकता बताई गई।
शहर की जलापूर्ति के संबंध में चर्चा करते हुए महानगरपालिका को उपलब्ध पानी का नियोजित और किफायती इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पुणे मनपा को 13 टीएमसी पानी उपलब्ध कराने के लिए नियोजन करने को भी कहा गया।
बैठक में दिवंगत अजितदादा पवार द्वारा सूखे के दौरान किए जाने वाले जल नियोजन का उल्लेख किया गया। जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील से मांग की गई कि उसी तर्ज पर वर्तमान में भी जल प्रबंधन किया जाए। इस पर विखे पाटील ने संबंधित जानकारी लेकर उसी पद्धति से काम करने का प्रयास करने की बात कही।
सुनेत्रा पवार ने संबंधित विभागों को समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि नागरिकों, किसानों तथा पशुधन को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट