

प्रशासन को तीन दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट देनी होगी।
पानी की लीकेज रोकने के लिए विशेष दल तैनात होंगे।
जरूरतमंद इलाकों में मुफ्त टैंकर उपलब्ध कराने के निर्देश।
निजी टैंकरों की दरों पर नियंत्रण रखने को कहा गया है।
गाड़ी धोने, स्विमिंग पूल और लॉन में पेयजल के इस्तेमाल पर रोक के निर्देश।
Water Leakage Prevention Plan: शहर में संभावित गंभीर जल संकट और बांधों में सीमित जल भंडार को देखते हुए पुणे महानगरपालिका प्रशासन को पानी की आपूर्ति के सूक्ष्म नियोजन, लीकेज रोकने और पानी की बर्बादी पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
महापौर मंजुषा नागपुरे ने शहर के सभी 15 क्षेत्रीय कार्यालयों में स्वतंत्र 'पानी की किल्लत एवं आपदा नियंत्रण कक्ष' स्थापित करने और नागरिकों की शिकायतों का 24 घंटे के भीतर निपटारा करने को कहा है। प्रशासन को इन निर्देशों पर अमल कर तीन दिन में विस्तृत रिपोर्ट महापौर कार्यालय को सौंपनी होगी।
महापौर की ओर से महानगरपालिका आयुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सुखे जैसी परिस्थितियों में नागरिकों को पर्याप्त और नियमित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए उपलब्ध जल भंडार का आकलन कर पानी के वितरण की चरणबद्ध योजना तैयार करने और शहर के अंतिम छोर पर स्थित क्षेत्रों तक समान रूप से पानी पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
पुणे मनपा के सभी 15 क्षेत्रीय कार्यालयों में स्थापित किए जाने वाले नियंत्रण कक्षों में जलापूर्ति, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी 24 घंटे शिफ्ट में तैनात रहेंगे। प्रत्येक कार्यालय के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सऐप शिकायत निवारण व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। पानी की किल्लत, लीकेज और टैंकर की मांग से संबंधित शिकायतों का 24 घंटे में निपटारा करने को कहा गया है।
पानी की बर्बादी रोकने के लिए मुख्य जलवाहिनियों, वितरण पाइपलाइनों और पानी की टंकियों में लीकेज का पता लगाने तथा तत्काल मरम्मत के लिए विशेष दल तैनात किए जाएंगे। अवैध नल कनेक्शन और व्यावसायिक स्तर पर पानी की चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके कनेक्शन काटने और नियमानुसार दंड लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
निर्देशों के अनुसार, पेयजल का इस्तेमाल गाड़ियां धोने, निजी निर्माण कार्यों, स्विमिंग पूल, बगीचों और लॉन में पानी देने तथा सड़कों की धुलाई जैसे गैर-जरूरी कार्यों के लिए नहीं किया जाना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने और पानी की बर्बादी करने वालों के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ नल कनेक्शन काटने की कार्रवाई करने को कहा गया है।
पानी की किल्लत वाले क्षेत्रों में टैंकरों के जरिए आपूर्ति की व्यवस्था पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के नियंत्रण कक्षों का निगरानी तंत्र रहेगा। महापौर मंजुषा नागपुरे ने टंचाईग्रस्त इलाकों में महानगरपालिका की ओर से मुफ्त टैंकर उपलब्ध कराने तथा निजी टैंकरों की दरों पर सख्त नियंत्रण रखने के निर्देश दिए हैं।
इसका उद्देश्य टैंकरों के जरिए होने वाली कथित मनमानी और पानी की कालाबाजारी पर अंकुश लगाना है। महापौर ने प्रशासन से इन सभी निर्देशों पर तत्काल अमल करने और की गई कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने को कहा है।
- नवभारत लाइव के लिए पुणे से समीर सय्यद की रिपोर्ट