पुणे पोर्श केस(सौजन्य-सोशल मीडिया) 
पुणे

Pune Porsche Case में सुप्रीम कोर्ट ने 3 आरोपियों को इस शर्त पर दी जमानत, माता-पिता को लगाई फटकार

Pune Porsche Case Bail: पुणे पोर्श केस में सुप्रीम कोर्ट ने 3 आरोपियों को एक शर्त पर जमानत दे दी। जस्टिस नागरत्ना ने गैर-जिम्मेदार माता-पिता को फटकार लगाई और अपने फैसले पर बड़ी बात कही।

प्रिया जैस

Supreme Court Nagarathna: सुप्रीम कोर्ट ने पुणे पोर्श कार एक्सीडेंट केस में तीन आरोपियों को ज़मानत दे दी है, जिसमें मई 2024 में एक नाबालिग की लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण दो लोगों की मौत हो गई थी। आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने खून के सैंपल बदलकर सबूतों से छेड़छाड़ करने में नाबालिग के परिवार की मदद की थी।

न्यायालय ने यह भी कहा कि नाबालिगों से जुड़ी ऐसी घटनाओं के लिए माता-पिता ही जिम्मेदार हैं। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को काबू में रखने में सक्षम नहीं हैं। पीठ ने कहा, ''नशीली दवाओं का सेवन एक अलग मसला है, लेकिन उन्हें (बच्चों को) कार की चाबियां और मौज-मस्ती करने के लिए पैसे देना अस्वीकार्य है।''

न्यायालय ने 23 जनवरी को इस मामले में आरोपी अमर संतिश गायकवाड़ द्वारा दायर जमानत याचिका पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था। गायकवाड़ पर आरोप है कि वह एक बिचौलिए के रूप में काम कर रहा था, जिसने नाबालिग आरोपी के रक्त के नमूने को बदलने के लिए अस्पताल में एक चिकित्सक के सहायक को तीन लाख रुपये दिए थे।

पुणे पोर्श केस पर कोर्ट ने क्या कहा?

कोर्ट ने कहा, "उन्हें ट्रायल कोर्ट के सामने पेश किया जाए। उन्हें ज़मानत दी जा सकती है। वे आजादी का गलत इस्तेमाल नहीं करेंगे। शर्त का कोई भी उल्लंघन होने पर जमानत रद्द कर दी जाएगी।"

हालांकि, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने दुख जताया कि ऐसे माता-पिता कितने गैर-जिम्मेदार हैं जो अपने नाबालिग बच्चों को तेज़ रफ़्तार कारें देते हैं और उन्हें शराब और ड्रग्स जैसी चीजों के साथ जश्न मनाने देते हैं।

कोर्ट ने माता-पिता को लगाई फटकार

जस्टिस नागरत्ना ने कहा, "जश्न किसी नशे और तेज़ रफ़्तार से गाड़ी चलाने पर आधारित नहीं होता। दो बेगुनाह लोग मारे गए। सड़क पर बेगुनाह लोग सो रहे होते हैं, यह पहली बार नहीं हुआ है। इसके लिए मुख्य रूप से माता-पिता ज़िम्मेदार हैं जो उन्हें मौज-मस्ती के लिए काफी पैसे देते हैं।" कोर्ट ने कहा, "माता-पिता के पास बच्चों के साथ समय बिताने का समय नहीं है। इसलिए सबसे अच्छी बात यह है कि उन्हें ATM कार्ड और मोबाइल फ़ोन दे दिया जाए। कानून को इसके साथ तालमेल बिठाना होगा। देखिए, दो बेगुनाह जानें चली गईं और यह सब साजिशें। लेकिन यह आजादी बनाम यह सब है।"

क्या है पुणे पोर्श केस?

पुणे के कल्याणी नगर इलाके में 19 मई 2024 को तड़के कथित तौर पर नशे की हालत में कार चला रहे नाबालिग लड़के ने मोटरसाइकिल पर सवार एक महिला समेत दो आईटी पेशेवर को टक्कर मार दी थी, जिसके बाद दोनों की मौत हो गई थी।

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