Pune Ganesh Visarjan Security Arrangement: अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर आज, शुक्रवार (25 सितंबर) को पुण्यनगरी में होने वाले ऐतिहासिक गणेश विसर्जन उत्सव को सुरक्षित, सुगम और अलौकिक बनाने के लिए पुणे महानगरपालिका ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। 12 दिवसीय चले इस भव्य जन्मोत्सव के बाद बप्पा को भावुक विदाई देने के लिए शहर की सड़कों से लेकर नदी तटों तक व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
प्राकृतिक जल स्त्रोतों से लेकर कृत्रिम हौदों तक सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, आपदा प्रबंधन और अग्निशमन की अभेद्य व्यवस्था कायम की गई है। शहर भर के करीब 277 प्रमुख विसर्जन स्थलों पर 4,130 हाई-पावर फ्लड लाइटें लगाई गई हैं, जबकि सुरक्षा की दृष्टि से 94 संवेदनशील स्थानों पर 390 सीसीटीवी कैमरों से पैनी नजर रखी जाएगी।
अग्निशमन विभाग ने नदी किनारे स्थित शहर के 15 सबसे महत्वपूर्ण विसर्जन घाटों पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया है। इनमें अमृतेश्वर घाट, पुलाची वाडी, नटराज सिनेमा घाट, ओंकारेश्वर, वृद्धेश्वर, गरवारे कॉलेज, पांचालेश्वर, अष्टभुजा मंदिर, संगम घाट, विठ्ठल मंदिर, बाप्पू
घाट, ठोसर पागा घाट, येरवडा का चिमा उद्यान, दत्तवाड़ी और वारजे स्मशानभूमि घाट शामिल हैं। सुरक्षा कमान की बागडोर मुख्य अग्निशमन अधिकारी के हाथों में रहेगी, जिनके नेतृत्व में 22 अग्निशमन अधिकारी, 15 मुख्य फायरमैन और 120 प्रशिक्षित लाइफगार्ड तैनात किए गए हैं।
किसी भी संभावित दुर्घटना को टालने के लिए घाटों पर 28 लाइफ जैकेट, 14 लाइफ सेविंग रिंग और 14 सुरक्षा रस्सियों की आपातकालीन व्यवस्था की गई है। नदी के गहरे पानी में नागरिकों को जाने से रोकने के लिए पानी के भीतर सुरक्षा रस्सियां और बैरिकेडिंग लगाई गई हैं।
अग्निशमन विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। विसर्जन मिरवणुक के सबसे संवेदनशील स्थल 'अलका टॉकीज चौक' पर पूरी जुलूस प्रक्रिया समाप्त होने तक एक विशेष अग्निशमन वाहन और तीन जवान 24 घंटे तैनात रहेंगे।
पुणे मनपा ने नागरिकों से नदियां प्रदूषित न करने और कृत्रिम हौदों या लोहे की टंकियों में ही मूर्तियां विसर्जित करने की भावुक अपील की है। जिन इलाकों में प्राकृतिक जलस्त्रोत नहीं हैं, वहां घूमते हुए टैंकर और कृत्रिम हौद उपलब्ध कराए गए हैं।
गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी एकत्रित निर्माल्य से अगरबत्ती बनाने और शाडू मिट्टी की मूर्तियों का पर्यावरण अनुकूल पुनर्विसर्जन करने का विशाल खाका तैयार किया गया है। मनपा आयुक्त नवल किशोर राम ने सड़कों के गड्डों की मरम्मत, कीटनाशक छिड़काव, पेयजल और मोबाइल शौचालयों की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
विसर्जन के दौरान किसी भी अनहोनी या आपात स्थिति से निपटने के लिए मनपा का आपदा प्रबंधन विभाग 24 घंटे क्रियाशील नियंत्रण कक्ष संचालित करेगा, नागरिक किसी भी आपात स्थिति में मनपा के मुख्य नियंत्रण कक्ष (020-25501269 /020-25506800), अग्निशमन सेवा (101), पुलिस (100/112) या एम्बुलेंस सेवा (108) पर सीधे संपर्क कर सकेंगे। सभी प्रमुख घाटों पर सार्वजनिक सूचना प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) और सीसीटीवी मॉनिटरिंग रूम स्थापित किए गए हैं।
रात्रिकालीन विसर्जन जुलूस को ध्यान में रखते हुए प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। 4,130 फ्लड लाइटों के अलावा अचानक बिजली गुल होने की स्थिति से निपटने के लिए पावर बैकअप जनरेटर और त्वरित विद्युत मरम्मत दल तैनात किए गए हैं।
भीड़ प्रबंधन और कड़ी निगरानी के लिए अलका टॉकीज चौक, एस। पी। कॉलेज चौक और शनिवार चौक में विशेष वॉचटावर बनाए गए हैं, जहां से पुलिस और मनपा अधिकारी व्यवस्था का जायजा लेंगे।
विसर्जन जुलूस के लिए करीब 10 हजार पुलिसकर्मियों का बंदोबस्त लगाया गया है। पुणे पुलिस आयुक्त और सह पुलिस आयुक्त की निगरानी में 4 अपर पुलिस आयुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे। बंदोबस्त सुबह 9 बजे से शुरू होकर जुलूस समाप्त होने तक जारी रहेगा।
बंदोबस्त में 1 पुलिस आयुक्त, 1 सह पुलिस आयुक्त, 4 अपर आयुक्त, 14 उपायुक्त, 35 सहायक आयुक्त, 154 पुलिस निरीक्षक, 675 पुलिस उपनिरीक्षक, 7 हजार पुलिसकर्मी, 2 एसआरपीएफ, 900 होमगार्ड, 12 क्यूआरटी और 2।121 राइट कंट्रोल पुलिस टीम शामिल है।