पुणे: देश के प्रमुख शहरों और जगहों का नाम बदलने की दिशा में अब महाराष्ट्र के पुणे एयरपोर्ट का नाम भी शामिल हो गया है। महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल के पुणे एयरपोर्ट का नाम जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज एयरपोर्ट रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। जिसके बाद अब यह प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री फडणवीस ने एक कार्यक्रम में मौजूद केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने कहा था कि हवाई अड्डे के नाम बदलने का प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा और मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इस पर केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि इस प्रस्ताव से जुड़ना सम्मान की बात है और मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि इसे उच्चतम स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। इसके अलावा मैं नाम बदलने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंजूरी लेने का भी प्रयास करूंगा।
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मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक्स पर महायुति सरकार और देवेंद्र फडणवीस को धन्यवाद देते हुए लिखा कि ''पुणे में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम 'जगद्गुरु संत तुकाराम महाराज हवाई अड्डा' रखने की दिशा में पहला कदम आज उठाया गया है और मेरे द्वारा दिए गए प्रस्ताव को कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई है। अब इसे आगे की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।''
केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि उन्होंने हाल ही में सीएम एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम अजित पवार से मुलाकात की और नामकरण का प्रस्ताव रखा। पुणे के सांसद ने लिखा कि संत तुकाराम का जन्म लोहेगांव में हुआ था, जहां पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा स्थित है।
इतना ही नहीं, संत तुकाराम ने अपना बचपन भी लोहेगांव में ही बिताया, इसलिए लोहेगांव और संत तुकाराम का बहुत करीबी रिश्ता है। इसलिए, मैंने ग्रामीणों और महाराष्ट्र के सभी वारकरी समुदाय की इच्छाओं के साथ राज्य सरकार को यह प्रस्ताव सौंपा।
इसके अलावा, संत तुकाराम ने भागवत धर्म के प्रचार में बहुत योगदान दिया और समाज को एक नई सोच दी, जो आज भी प्रासंगिक है। पुणे के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को संत तुकाराम का नाम देना एक बहुत ही आम भावना है।
मंत्री मुरलीधर मोहोल ने आगे लिखा कि अब राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास जाएगा और केंद्रीय कैबिनेट जल्द ही इस संबंध में निर्णय लेकर मामले पर आगे की कार्रवाई करेगी। मुझे विश्वास है कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।