पिंपरी चिंचवड़ पवना नदी सोर्स- सोशल मीडिया
पुणे

पिंपरी-चिंचवड़ में मुला नदी सुधार का काम ठप, अब 350 करोड़ की निधि से पवना नदी सुधार का काम होगा शुरू

Pimpri Chinchwad River Project: पिंपरी-चिंचवड़ में तकनीकी कारणों से मुला नदी सुधार कार्य ठप होने पर मनपा ने 350 करोड़ की निधि को 'साइट शिफ्टिंग' के जरिए पवना नदी सुधार परियोजना में लगाने की मंजूरी दी।

रूपम सिंह

Pimpri Chinchwad Municipal Corporation Pavana River: पिंपरी-चिंचवड़ शहर की नदियों के पुनर्जीवन के लिए शुरू की गई परियोजनाओं में मुला नदी सुधार का काम तकनीकी कारणों और विविध मंजूरियों के चलते ठप पड़ा है।

ऐसे में विकास कार्यों के लिए मंजूर निधि पड़ी न रह जाए और नदी सुधार परियोजना को गति मिले, इसके लिए महानगरपालिका ने अब सांगवी, पिंपले सौदागर और पिंपले गुरव क्षेत्र में पवना नदी सुधार का काम 'साइट शिफ्टिंग' के माध्यम से शुरू करने को मंजूरी दी है।

2 सितंबर को हुई महासभा में उपसूचना के जरिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। पिंपरी-चिंचवड़ महानगरपालिका क्षेत्र की पवना, मुला और इंद्रायणी नदियों के पुनर्जीवन के लिए अलग-अलग नदी सुधार परियोजनाएं चल रही हैं।

इनमें मुला नदी सुधार परियोजना का काम विभिन्न तकनीकी अड़चनों, आवश्यक अनुमतियों और भूमि अधिग्रहण जैसे मुद्दों के कारण फिलहाल बंद है। इससे परियोजना के लिए मंजूर करीब 350 करोड़ रुपये की निधि के प्रभावी उपयोग पर भी सवाल खड़ा हो गया था।

महासभा में जनप्रतिनिधियों ने इस स्थिति को देखते हुए मुला नदी सुधार के लिए उपलब्ध निधि और कार्यक्षेत्र का व्यावहारिक उपयोग करने का मुद्दा उठाया था। सांगवी, पिंपले गुरव और पिंपले सौदागर क्षेत्र पवना नदी के किनारे स्थित होने के कारण यहां नदी सुधार के काम तत्काल शुरू किए जा सकते हैं, ऐसा प्रस्ताव रखा गया।

इसके अनुसार, आवश्यकता के मुताबिक मुला नदी परियोजना के काम को पवना नदी के किनारे 'साइट शिफ्टिंग' के माध्यम से स्थानांतरित करने को मंजूरी दी गई।

फंड मंजूरी के बाद अब काम पर टिकीं नजरें

मुला नदी सुधार के लिए मंजूर निधि को पवना नदी के काम के लिए किस स्वरूप में और कितनी मात्रा में इस्तेमाल किया जाएगा, यह आगामी प्रशासनिक व तकनीकी प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगा।

हालांकि, साइट शिफ्टिंग को मंजूरी मिलने से उपलब्ध निधि का उपयोग करते हुए नए सिरे से बड़ा आर्थिक भार डाले बिना पवना नदी सुधार कार्य शुरू करने का रास्ता खुल गया है। अब नागरिकों की नजर काम पर टिकी है।

पवना नदी के प्रदूषण पर लगाम लगने की उम्मीद

पवना नदी को पिपरी-चिंचवड़ की जीवनदायिनी माना जाता है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों से नदी में जलकुंभी और प्रदूषण की समस्या गंभीर बनी हुई है। नदी सुधार के काम शुरू होने से नदीपात्र की सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और नदी किनारे के परिसर के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

सांगवी, पिपले गुरव और पिपले सौदागर के नागरिकों ने महासभा के निर्णय का स्वागत किया है। पिंपरी-चिंचवड़ के दक्षिणी हिस्से से बहने वाली मुला नदी के किनारे सुधार कार्यों की योजना महानगरपालिका ने बनाई थी।

करीब 350 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए विभिन्न चरणों में निधि उपलब्ध कराई गई है, लेकिन आवश्यक अनुमतियों, भूमि अधिग्रहण और अन्य तकनीकी अड़चनों के कारण काम की गति लगातार धीमी होती गई।

मनपा के लिए जरूरी

नदी पवना सुधार परियोजना का काम अभी तक प्रत्यक्ष रूप से शुरू नहीं हुआ है। इंद्रायणी नदी सुधार परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्यादेश जारी किया जा चुका है। ऐसे में मुला नदी का काम अटकने के बाद पवना नदी सुधार को गति देने का निर्णय पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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